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भूस्खलन वाले क्षेत्रों का अध्ययन करेगी ये टीम, उत्तराखंड से पहुंची सिरमौर

PARUL 8 May 2024 Edited 8 May 1 min read

गत वर्ष जिले में हुआ था भारी नुकसान, चिन्हित किए गए थे 22 अतिसंवेदशील स्थल

HNN/नाहन

बीते साल भारी बारिश और बादल फटने से पर्यावरण और जान-माल को हुए नुकसान के बाद चिन्हित किए गए प्रभावित स्थलों का अध्ययन करने उत्तराखंड से एक टीम सिरमौर पहुंची है।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद- केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की (उत्तराखंड) से मुख्य वैज्ञानिक एवं आचार्य डॉ. डीबी कानूनगो की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम एक हफ्ते तक जिले के इन अति संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करेगी।

इस दौरान टीम जिले के सभी उपमंडलों पर चिन्हित ऐसे स्थलों का प्रारंभिक अध्ययन व सर्वेक्षण कार्य करेगी, ताकि इन स्थलों व उनके आसपास बसी आबादी की भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ये टीम उपमंडल पांवटा साहिब, कफोटा व पच्छाद में चिन्हित स्थलों का सर्वेक्षण व प्रारंभिक अध्ययन कार्य पूरा कर चुकी है।

डीसी सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि गत वर्ष जिला सिरमौर में मानसून ऋतु-2023 में विभिन्न स्थलों पर बादल फटने, भूस्खलन और भूमि धंसाव के मामले संज्ञान में आए थे। इस दौरान जान-माल के साथ साथ पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ।

इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा समस्त उप-मंडलों से इसकी जानकारी मांगी गई थी। लगभग 22 ऐसे भूस्खलन और भूमि धंसाव के स्थलों को चिन्हित करके इसकी रिपोर्ट प्रशासन को मिली। ये टीम इन स्थलों पर जाकर इसका अध्ययन और सर्वे कर रही है।

ये हैं अति संवेदनशील स्थल
इन अति संवेदनशील स्थलों में उपमंडल नाहन के तहत ग्राम पंचायत नेहली धीड़ा के मलगांव, ग्राम अगड़ीवाला, ग्राम पंचायत मातर, ग्राम तिरमाली दयार, ग्राम पंचायत बिरला, उप मंडल पच्छाद में ग्राम पंचायत नैना टिक्कर (ग्राम मझगांव शमलाटी) के अंतर्गत थलपा, ग्राम पंचायत नेरीनवां के अंतर्गत भ्रमण स्थल लाना रौना, ग्राम पंचायत नेरी नवां के अंतर्गत भ्रमण स्थल चुन्नार शामिल हैं।

इसके साथ साथ उपमंडल राजगढ़ में ग्राम पंचायत शलाणा के अंतर्गत शलाणा के पास स्थल, ग्राम पंचायत, कोटला बंगी के अंतर्गत शलेच कांची, ग्राम पंचायत, कोठिया झाझर (ग्राम कोट-धनगेर) के अंतर्गत कोट, खैरी-ग्राम पंचायत, डिंबर के अंतर्गत ढांक (खैरी के पास), उपमंडल शिलाई में ग्राम पंचायत, मिल्लाह के अंतर्गत आने वाला स्थल गनाली, बिंदोली निकट गुमराह (सोलन-मीनस रोड) के अंतर्गत ग्राम पंचायत, अजरोली, उप मंडल-संगडाह में ग्राम पंचायत, रजाना के अंतर्गत स्थल उंगरकांडो, ग्राम पंचायत, बौनाल काकोग के अंतर्गत स्थल बौनाल, ग्राम पंचायत, सांगना के अंतर्गत भ्रमण स्थल गट्टा मंडवाच, ग्राम पंचायत भुजौंड के अंतर्गत स्थल हरलोग, ग्राम पंचायत चारना के अंतर्गत एक पेट्रोल पंप के पास एक स्थान का दौरा समीप चाढ़ना, उपमंडल कफोटा में ग्राम पंचायत, भजोन के अंतर्गत बाग हाबड़ा, ग्राम पंचायत चांदनी के अंतर्गत अंबोन और जंदनिया गांव, उप मंडल पांवटा साहिब में कच्ची ढांक (एनएच-707) ग्राम पंचायत मुगलावाला-करतारपुर के अंतर्गत ग्राम सिरमौरी ताल, ग्राम पंचायत बानो के अंतर्गत ग्राम खतवार अति संवेदनशील स्थलों में शामिल हैं।