मंडी, 26 दिसंबर: मंडी शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों को अब नेम प्लेट्स जारी की गई हैं। यह कदम नगर निगम मंडी द्वारा टाउन वेंडिंग एक्ट के अंतर्गत उठाया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य रेहड़ी-फड़ी धारकों की पहचान सुनिश्चित करना और वेंडिंग जोन की व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में लिया गया निर्णय
गत दिनों हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में यह तय किया गया था कि रेहड़ी-फड़ी धारकों को नेम प्लेट्स जारी की जाएंगी। नगर निगम मंडी के आयुक्त एचएस राणा ने जानकारी दी कि टाउन वेंडिंग एक्ट में नेम प्लेट्स का प्रावधान पहले से ही मौजूद है।
मंडी में कुल 250 पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी धारक हैं। इनमें से पहले ही कुछ को नेम प्लेट्स जारी की जा चुकी थीं। अब 200 से अधिक नेम प्लेट्स और जारी की गई हैं। शेष बचे 50 वेंडर्स की वेरिफिकेशन प्रक्रिया जारी है, जिसके पूरा होने के बाद उन्हें भी नेम प्लेट्स प्रदान की जाएंगी।
नेम प्लेट्स में क्या होगा खास?
जारी की गई नेम प्लेट्स में वेंडर्स की पूरी पहचान दर्ज होगी। इनमें संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, लाइसेंस नंबर, और अन्य जरूरी जानकारी शामिल रहेगी। इससे रेहड़ी-फड़ी धारकों की पहचान करना आसान होगा और वेंडिंग जोन में अनुशासन बना रहेगा।
नगर निगम के आयुक्त ने बताया,
“नेम प्लेट्स लगाने का कार्य टाउन वेंडिंग कमेटी के अंतर्गत शुरू किया गया था। 250 पंजीकृत वेंडर्स में से 200 को नेम प्लेट्स दी जा चुकी हैं, और 50 की वेरिफिकेशन प्रक्रिया जारी है। यह कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।”
रेहड़ी-फड़ी धारकों का सकारात्मक रुख
नगर निगम द्वारा नेम प्लेट्स जारी किए जाने के फैसले का रेहड़ी-फड़ी धारकों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस कदम से वेंडिंग जोन में व्यवस्था बेहतर होगी और उनकी पहचान सुनिश्चित होगी।
रेहड़ी-फड़ी धारकों ने कहा,
“नेम प्लेट्स मिलने से हमारी सुविधा बढ़ गई है। इससे हर व्यक्ति की पहचान और उसकी जगह की जानकारी स्पष्ट हो जाती है। हम नगर निगम से मांग करते हैं कि छूटे हुए वेंडर्स को भी जल्द से जल्द नेम प्लेट्स और लाइसेंस जारी किए जाएं।”
विवाद और सुझाव
हालांकि, नेम प्लेट्स जारी करने की प्रक्रिया कुछ विवादों में भी घिरी रही। प्रदेश के अन्य हिस्सों में इसे लेकर विरोध दर्ज किया गया। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह का इस संदर्भ में दिया गया बयान चर्चा का विषय बना।
इसके बावजूद, मंडी के वेंडर्स ने इस कदम को सकारात्मक बताया और सुझाव दिया कि वेंडिंग जोन में आने वाली समस्याओं को भी प्राथमिकता से हल किया जाए।
मंडी नगर निगम द्वारा उठाया गया यह कदम रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे न केवल उनकी पहचान और लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि वेंडिंग जोन की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित होगी। नगर निगम का यह प्रयास शहर की साफ-सुथरी और अनुशासित छवि बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
