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मणिमहेश यात्रा-2025 : जन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर डीसी चंबा के कड़े आदेश, 9 अगस्त तक हर इंतजाम पूरा करना अनिवार्य

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 21 Jul 2025 • 1 Min Read

जन सुरक्षा, आपदा से बचाव और तीर्थयात्रियों की सुविधा को लेकर मणिमहेश यात्रा-2025 से पहले उपायुक्त चंबा ने विभिन्न विभागों को समयसीमा तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। 16 अगस्त से शुरू हो रही यात्रा से पहले सभी विकास और राहत कार्य पूरे करने के लिए 9 अगस्त की अंतिम तारीख तय की गई है। आदेशों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

चंबा

आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जारी हुए सख्त निर्देश

उपायुक्त ने विभागों को दिए आदेश, 9 अगस्त तक सभी कार्य पूरे करने के निर्देश
मणिमहेश यात्रा-2025 के दौरान सुरक्षा, आपदा तैयारी और आवश्यक सेवाओं को लेकर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष चंबा द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने 15 जुलाई को यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर पाया कि कई विभागों की तैयारियां धीमी हैं, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 और 34 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए समयबद्ध कार्यों के आदेश दिए गए।

एचपीपीडब्ल्यूडी को दिए गए विस्तृत निर्माण व मरम्मत कार्यों के निर्देश
अधिशासी अभियंता एचपीपीडब्ल्यूडी भरमौर को यात्रा मार्ग की मरम्मत, चौड़ाई, खदुंजा, पाथवे सुधार और अतिरिक्त पुल निर्माण जैसे कार्य 9 अगस्त तक पूर्ण करने को कहा गया है। गुई नाला से दुनाली तक सड़क का चौड़ीकरण, तोश की घोट क्षेत्र में वैकल्पिक खच्चर मार्ग और मणिमहेश नाले पर अतिरिक्त पुल का कार्य प्रमुख रूप से शामिल है। साथ ही सभी पैदल पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर फिटनेस प्रमाणित करना भी जरूरी किया गया है।

अन्य विभागों को भी सौंपी गई जिम्मेदारियां
जल शक्ति विभाग को यात्रा मार्ग के सभी बिंदुओं पर पीने योग्य जल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। राज्य विद्युत बोर्ड को धनछो तक ट्रांसफार्मर व विद्युत आपूर्ति का अस्थायी ढांचा खड़ा करना है। स्वास्थ्य विभाग को अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित करने हैं। बीएसएनएल को मोबाइल टावर का कार्य पूरा करना होगा।

स्वच्छता, संचार और आपदा नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान
मनिमहेश ट्रस्ट, खंड विकास अधिकारी और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भरमौर को शौचालय, कचरा प्रबंधन, मोबाइल कंट्रोल रूम और आपातकालीन टेंट की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पुलिस, राजस्व व डीडीएमए को भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया हेतु जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवानी होंगी।

एनजीटी आदेशों का पालन और कड़ी चेतावनी
डीएफओ भरमौर और डीएफओ वन्यजीव को एनजीटी के आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी विभाग या एजेंसी को उपायुक्त कार्यालय की लिखित अनुमति के बिना कार्यों में देरी की अनुमति नहीं होगी। आदेशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51, 55 और 56 के तहत कार्रवाई की जाएगी।