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मां रेणुकाजी के दर पर पहुंचे भगवान परशुराम, भव्य शोभायात्रा के साथ जन्मोत्सव शुरू

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ददहू

रेणुकाजी तीर्थ में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का शुभारंभ अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर भव्य देवपालकी शोभायात्रा के साथ किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर भगवान परशुराम अपनी माता श्री रेणुकाजी का आशीर्वाद लेने कटाह-शीतला से ददाहू पहुंचे और पूरे मार्ग में धार्मिक वातावरण बना रहा।

ददाहू

तीर्थ श्री रेणुकाजी में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का शुभारंभ भव्य देवपालकी शोभायात्रा के साथ हुआ। अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर भृगुकुल नंदन भगवान परशुराम अपनी माता श्री रेणुकाजी का आशीर्वाद लेने कटाह-शीतला से ददाहू पहुंचे।ददाहू तहसील प्रांगण से शुरू हुई शोभायात्रा में रेणुकाजी विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक विनय कुमार ने देवपालकी को कंधा देकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र “जय परशुराम” के जयघोष से गूंज उठा। शोभायात्रा ददाहू बाजार से होती हुई रेणुकाजी झील की ओर बढ़ी, जहां श्रद्धालुओं ने स्थान-स्थान पर माथा टेककर भगवान का आशीर्वाद लिया।

शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और श्रद्धालुओं की आस्था ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। स्थानीय नवयुवक मंडलों और व्यापारियों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की।उधर, रेणुकाजी तीर्थ में पहली बार तीन दिवसीय भगवान परशुराम मेले का आयोजन शुरू हुआ है। मेले में झूले और दुकानों के साथ रौनक देखने को मिल रही है। पहले दिन हवन-यज्ञ और सुंदरकांड पाठ के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का आगाज हुआ, जिसमें बोर्ड अध्यक्ष विनय कुमार ने भाग लिया।मेले के तहत खेल गतिविधियां भी शुरू हुईं, जिनमें वॉलीबॉल प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

शाम के समय श्री रेणुकाजी झील पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मुख्य रूप से भाग लिया। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में आकाशवाणी के कलाकारों ने भगवान परशुराम और रेणुकाजी पर आधारित भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।रेणुकाजी विकास बोर्ड के सदस्य सचिव एवं एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव झील की परिक्रमा और विशेष हवन-यज्ञ के साथ मनाया जाएगा।