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NDPS / चिट्टा तस्करी मामले में फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर कोर्ट चपरासी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

NDPS : शिमला जिले के ठियोग थाना क्षेत्र में चिट्टा तस्करी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए आगे की कड़ियों तक पहुंच बनाई है। यह मामला 12 अप्रैल को दर्ज एनडीपीएस केस से जुड़ा है, जिसमें पहले नंगलदेवी के पास एक कार से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था और जांच को आगे बढ़ाया गया।

शिमला

घटना विवरण
शिमला जिले के ठियोग थाना क्षेत्र में 12 अप्रैल को दर्ज चिट्टा तस्करी मामले की जांच के दौरान पुलिस को फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर एक अन्य आरोपी तक पहुंच मिली। पुलिस के अनुसार, नंगलदेवी के पास एक कार की जांच के दौरान कुलदीप वर्मा उर्फ आशू निवासी नलेहा के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया, जिसमें सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम सामने आए।

जांच और खुलासा
जांच के दौरान पुलिस पूछताछ में आरोपी कुलदीप वर्मा ने बताया कि बरामद चिट्टा आगे सप्लाई के लिए हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू को दिया जाना था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की, जिसमें व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े साक्ष्य सामने आए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों के बीच नशे से संबंधित बातचीत और भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की गई थी, जिससे नेटवर्क की पुष्टि हुई।

गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेंद्र मेहता उर्फ रिंकू, जो जेएमएफसी कोर्ट ठियोग में चपरासी के पद पर कार्यरत है, को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। मामले में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 भी जोड़ी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और सभी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

आंकड़े और अभियान
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक शिमला जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 100 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 214 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 38 गिरफ्तारियां बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि नशे के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।