माजरा में तनाव चरम पर , धारा 163 लागू , भारी पुलिस बल तैनात , अगवा युवती की बरामदगी की खबर
प्रदर्शन, पथराव और लाठीचार्ज के बाद प्रशासन सख्त , कानून व्यवस्था संभालने को मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
पांवटा साहिब / कीरतपुर गांव
इलाके में पुलिस छावनी जैसा माहौल
सिरमौर जिला के माजरा थाना क्षेत्र में युवती के कथित अपहरण मामले के बाद पैदा हुए साम्प्रदायिक तनाव को देखते हुए शनिवार को पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है, जिसके चलते पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक है। इसके बावजूद भी क्षेत्र में तनाव और सुगबुगाहट बनी हुई है।
एसडीएम और भाजपा अध्यक्ष के बीच तीखी बहस
शनिवार सुबह घटनास्थल पर पांवटा साहिब के एसडीएम गुंजित चीमा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के बीच बहस छिड़ गई। बिंदल ने आरोप लगाया कि एसडीएम के व्यवहार से माहौल और बिगड़ा, जबकि एसडीएम ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में महिलाएं डंडे लेकर क्यों आईं। यह नोंकझोंक इलाके के तनाव को और भड़का गई।
150 पुलिसकर्मी तैनात, 3 डीएसपी मौके पर
एमबीएम नेटवर्क को मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। तीन डीएसपी – मानविंदर ठाकुर, रमाकांत ठाकुर और विद्या नेगी – मौके पर डटे हुए हैं। माजरा थाना क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम नेता स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अगवा युवती की बरामदगी की खबर
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कथित रूप से अपहृत युवती को बरामद कर लिया है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि युवती को उसके माता-पिता से मिलवाया जा सकता है। परिवार का दावा है कि लड़की नाबालिग है और एक विशेष समुदाय का युवक उसे भगाकर ले गया था।
पथराव और झड़प के बाद पुलिस का एक्शन
शुक्रवार शाम को जब प्रदर्शनकारियों ने माजरा थाना का घेराव करने की कोशिश की, तब एक बड़ा समूह बाइक पर सवार होकर कथित आरोपी के घर की ओर निकल गया। वहां दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, जिसमें तीन पुलिसकर्मी समेत एक दर्जन लोग घायल हो गए। प्रशासन ने तत्काल धारा 163 लागू कर दी थी। भाजपा नेताओं ने शनिवार सुबह शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा की थी, लेकिन तब तक हालात बिगड़ चुके थे।