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मुख्यमंत्री ने छोड़ी बिजली सब्सिडी, साधन संपन्न लोगों से भी की अपील

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Jan 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सब्सिडी छोड़ने की मुख्यमंत्री की पहल , लोगों से योगदान की अपेक्षा

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने निजी आवास पर लगे पांच बिजली मीटरों पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने की घोषणा करते हुए प्रदेश के साधन संपन्न लोगों से भी ऐसा ही करने की अपील की है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता को इस संबंध में सब्सिडी छोड़ने का फार्म भरकर सौंपा।

पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थ और संपन्न बिजली उपभोक्ता अगर स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ते हैं तो इससे राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर साल 2,200 करोड़ रुपये का अनुदान विद्युत बोर्ड को देती है, जिसे गरीब और जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए इसे सही दिशा में उपयोग करना आवश्यक है।

सब्सिडी छोड़ने की प्रक्रिया आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि इच्छुक उपभोक्ता विद्युत बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1100 या 1912 पर संपर्क कर या नजदीकी विद्युत उपमंडल में जाकर सब्सिडी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से जरूरतमंद लोगों को उनकी हकदारी में मदद मिलेगी।

मंत्रिमंडल और विधायकों का समर्थन
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और कांग्रेस विधायकों से इस विषय पर चर्चा हो चुकी है, और सभी ने सब्सिडी छोड़ने पर सहमति जताई है। यह कदम राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने और समाज में आर्थिक असमानता को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

समाज को लौटाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें समाज को लौटाना आना चाहिए। यह पहल उन जरूरतमंद लोगों के लिए है जो सब्सिडी पर निर्भर हैं।” उन्होंने कहा कि साधन संपन्न लोगों को सब्सिडी की आवश्यकता नहीं है और इस पहल से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और अन्य गणमान्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी और कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है।