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मुख्यमंत्री बनने के बाद आज पहली बार राजगढ़ पहुंचेंगे सुखविंदर सिंह सुक्खू

Ankita • 26 Apr 2024 • 1 Min Read

लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी के लिए राजगढ़ में विशाल जनसभा को करेंगे संबोधित

HNN/ नाहन

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए डेढ़ वर्ष का समय बीत चुका है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सीएम बनने के बाद पहली बार हिमाचल निर्माता डॉ वाईएस परमार के गृह क्षेत्र पच्छाद के राजगढ़ में शुक्रवार को पहुंचेंगे। राजगढ़ में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज शुक्रवार दोपहर बाद शिमला संसदीय क्षेत्र के लोकसभा प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी के पक्ष में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।

जिला सिरमौर में आने वाला हर कांग्रेस नेता डॉ. वाईएस परमार के नाम पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोट की अपील करता हैं। डेढ़ वर्ष में पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों, बिना कर्मचारियों के चल रहे कार्यालय, बिना शिक्षकों व डेपुटेशन के सहारे चल रहे स्कूल, बिना चिकित्सकों के बंद पड़े सब सेंटर, पीएचसी और सिविल अस्पताल सराहां को 100 बेड चिकित्सक पदो के साथ अपग्रेड करने की मांग के लिए मात्र आश्वासन ही सरकार से मिले है।

शुक्रवार को राजगढ़ में आयोजित होने वाली रैली के लिए जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जीआर मुसाफिर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने को पूरी मेहनत कर रहे हैं, वही प्रदेश कांग्रेस सचिव तथा विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रही दयाल प्यारी कश्यप रैली में भीड़ जुटाने के लिए अपना दमखम लगा रही हैं।

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में यह पहला दौरा लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में हो रहा है। आचार संहिता लागू होने के चलते सीएम कोई घोषणा, तो नहीं कर सकते। मगर पच्छाद की जनता को आश्वासन जरूर दे सकते हैं।

विदित रहे कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी रीना कश्यप को 21215 वोट पड़े थे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी दयाल प्यारी कश्यप को 17358 तथा निर्दलीय गंगूराम मुसाफिर को 13187 वोट मिले थे। इस चुनाव में भाजपा की रीना कश्यप 3857 वोटो से विजय हुई थी।

1 अप्रैल 2022 को भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष दयाल प्यारी कश्यप को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया था। जिससे नाराज होकर सात बार के विधायक गंगूराम मुसाफिर ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था।