HNN/ शिमला
एक समय था जब हार्ट अटैक को बड़े-बूढ़ों की बीमारी माना जाता था लेकिन आजकल 18-25 की उम्र वाले युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला की ओर से मरीजों पर किए गए एक सर्वे में हुआ है। प्रदेश में युवाओं में दिल के दौरे पड़ने के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
तेजी से बदलती लाइफस्टाइल, फास्ट फूड, तनाव, तंबाकू का सेवन सहित अन्य गलत खानपान इसके लिए कुछ हद तक ज़िम्मेदार हैं। बता दें कि आईजीएमसी की ओर से मरीजों पर एक सर्वे किया गया जिसमें सामने आया कि 100 में से 60 फीसदी मरीजों में हार्ट से संबंधित बीमारियां और हार्ट अटैक आने जैसे लक्षण पाए गए। हैरानी की बात यह है कि इनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच की है।
अस्पताल में हर महीने 20 ऐसे लोग इलाज करवाने के लिए आते हैं, जिन्हें हार्ट अटैक आता हैं। इसी तरह अस्पताल में हर रोज 7 मरीज हार्ट से संबंधित बीमारियों का इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। उधर, आईजीएमसी के डॉक्टर और कॉर्डियोलॉजी के प्रो. अरविंद कंदौरिया का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल में किए गए सर्वे में भी यह बात सामने आई है। उन्होंने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि वह अपनी लाइफस्टाइल और खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखें तथा नशीले पदार्थों से दूर रहे।

