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राजगढ़ के माटल-बखोग में मिला पाकिस्तान से जुड़ा गुब्बारा

Shailesh Saini 22 Mar 2026 Edited 22 Mar 1 min read

खिलौना” करार के बावजूद उठे सुरक्षा पर सवाल,तेज हवाओं के चलते पहुंचने की आशंका, ग्रामीणों ने उठाई गहन जांच की मांग

हिमाचल नाऊ न्यूज़ | राजगढ़

जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल की ग्राम पंचायत माटल-बखोग के बखोग गांव में पाकिस्तान से जुड़े निशानों वाला गुब्बारा मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीण लोकेंद्र ठाकुर और उनकी पत्नी ने जमीन पर पड़े इस गुब्बारे को देखा, जिस पर “पी.आई.ए.” और पाकिस्तान से मिलते-जुलते रंग-चिन्ह बने हुए थे।

सूचना मिलते ही गांव में लोग मौके पर जुटने लगे और तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं।ग्रामीणों ने तुरंत प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे एक साधारण खिलौना गुब्बारा बताते हुए किसी भी प्रकार के खतरे से इनकार किया।

हालांकि इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के निशानों वाला गुब्बारा गांव में मिलना सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

जानकारों के अनुसार, इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर भारत-पाक सीमा, विशेषकर जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में देखे जाते रहे हैं। पिछले दो-तीन दिनों से क्षेत्र में तेज हवाएं चल रही थीं, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि गुब्बारा हवा के रुख के साथ लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचा हो।

इसके बावजूद सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी बाहरी वस्तु को हल्के में लेना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य तो नहीं जुड़ा हुआ है।

स्थानीय स्तर पर भी चर्चा है कि यदि यह वस्तु सीमा पार से आई है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जांच का विषय बनता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में केवल प्रारंभिक जांच पर निर्भर न रहकर विस्तृत जांच की जाए और इसके स्रोत का पता लगाया जाए।

उधर, डीएसपी राजगढ़ विद्याचंद नेगी ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह कोई संदिग्ध वस्तु नहीं है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

बरहाल, माटल-बखोग की यह घटना भले ही फिलहाल सामान्य प्रतीत हो रही हो, लेकिन इसने यह जरूर साफ कर दिया है कि बदलते समय में छोटी से छोटी असामान्य गतिविधि को भी गंभीरता से लेने और सतर्क रहने की जरूरत है।

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