राजगढ़ क्षेत्र में मक्की की खेती को बढ़ावा , 150 क्विंटल बीज अनुदान पर वितरित
राजगढ़
बारिश के बाद मक्की की बुआई तेज, किसानों को राहत देने में जुटा कृषि विभाग
हाल ही में हुई बारिश ने राजगढ़ क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर रौनक ला दी है। खेतों में मक्की की बुआई का कार्य अब जोरों पर है। इस क्रम में कृषि विभाग राजगढ़ द्वारा किसानों को एसएमएस 137 किस्म का 150 क्विंटल मक्का बीज अनुदान पर उपलब्ध करवाया गया है, जिससे पारंपरिक खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रियायती दर पर बीज, नकदी फसलों पर चिंता
कृषि विभाग के एसएमएस डॉ. शिवराम ने बताया कि किसानों को यह बीज 100 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर दिया जा रहा है, जबकि बाजार मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम है। उन्होंने पारंपरिक फसलों की घटती खेती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नकदी फसलों की ओर अधिक झुकाव के कारण मक्की, धान और दलहन जैसी पारंपरिक फसलें प्रभावित हुई हैं।
मक्की उत्पादन में 250 हेक्टेयर की बढ़ोतरी
डॉ. शिवराम ने बताया कि राजगढ़ ब्लॉक में इस वर्ष 2850 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती का अनुमान है, जिससे 7400 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्षों में यह आंकड़ा 2600 हेक्टेयर और 6000 मीट्रिक टन था। यानी लगभग 250 हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नकदी और पारंपरिक फसलों में संतुलन की जरूरत
प्रगतिशील किसान राजेश कुमार, प्रीतम सिंह और राम सिंह का मानना है कि नकदी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में सहायक रही हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों का भी अपना महत्व है। आज भी कई किसान मटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, टमाटर और फ्रांसबीन जैसी फसलें उगाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।
चारे के बीज व उपकरण भी अनुदान पर
कृषि विकास अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि विभाग ने किसानों को 30 क्विंटल चारे का बीज भी 57 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध करवाया है। इसके अतिरिक्त, विभाग कृषि उपकरण और अन्य बीज भी अनुदान पर दे रहा है, ताकि किसानों की खेती लाभकारी बनी रहे।