राजस्व लोक अदालतों की सफलता से प्रदेश में राजस्व समस्याओं का तेजी से समाधान
शिमला
अक्तूबर 2023 से मार्च 2025 तक 3.25 लाख से अधिक लंबित मामलों का निपटारा, पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम
राजस्व मामलों में तेजी से निपटारा
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई राजस्व लोक अदालतें राजस्व मामलों के समाधान में अत्यधिक प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। अक्तूबर 2023 से मार्च 2025 के बीच 3,25,926 लंबित मामलों को निपटाया गया है, जिसमें इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और दुरूस्ती जैसे प्रमुख मामले शामिल हैं।
जन-हितैषी नवाचार से लोगों को राहत
सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इन अदालतों के माध्यम से 2,75,004 इंतकाल, 16,258 तकसीम, 27,404 निशानदेही और 7,260 दुरूस्ती के मामले सुलझाए गए हैं। यह पहल लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से राहत देने वाली साबित हो रही है।
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों को डिजिटल टूल्स और ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इससे सेवाएं अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो रही हैं।
प्रथम आयोजन से निरंतर सफलता
राजस्व लोक अदालतों की शुरुआत अक्तूबर 2023 में की गई थी। इसके बाद से तहसील और उप-तहसील स्तर पर समय-समय पर इन्हें आयोजित किया जा रहा है, जिससे शासन की सहभागिता और उत्तरदायित्व का स्तर और अधिक मजबूत हुआ है।
विकेन्द्रीकृत और सहभागी प्रशासन का उदाहरण
सरकार का यह कदम प्रदेश में कुशल, सहभागी और समावेशी शासन व्यवस्था की दिशा में एक मील का पत्थर बन गया है। यह पहल राज्य के नागरिकों के प्रति सरकार की जवाबदेही और सेवा भावना को मजबूती प्रदान कर रही है।