रोजगार के लिए दर-दर भटक रही हेमलता , डीसी से लगाई गुहार
Himachalnow / मंडी
“सरकार, मुझे कहीं भी रोजगार दे दो। मेरे बच्चों और बुजुर्गों को भूख से बचा लो।”
“सरकार, मुझे कहीं भी रोजगार दे दो। मेरे बच्चों और बुजुर्गों को भूख से बचा लो।” ये मार्मिक शब्द हैं हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत गैहरा के जनीण गांव की 29 वर्षीय हेमलता के। तीन बच्चों और बुजुर्ग सास-ससुर के साथ, हेमलता अपने परिवार का पेट पालने के लिए संघर्ष कर रही है । अपने हालात बताते हुए वह डीसी मंडी के पास नौकरी की गुहार लगाने पहुंची।
हेमलता के पति भूप सिंह का 1 अक्तूबर 2023 को एक दुखद घटना में निधन हो गया, जब वह जलने से अपनी जान गंवा बैठा । भूप सिंह परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा था । उसकी मृत्यु के बाद हेमलता पर तीन छोटे बच्चों और बीमार सास-ससुर की जिम्मेदारी आ गई। वह अब परिवार के भरण-पोषण के लिए संघर्ष कर रही है और सरकार से रोजगार की मांग कर रही है ।
हेमलता का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। घर के सदस्यों की देखभाल के साथ-साथ खाने का इंतजाम करना अब संभव नहीं हो पा रहा। छोटे बेटे की उम्र सिर्फ एक साल है । इसके अलावा, दो बेटियां स्कूल में पढ़ रही हैं, जिनकी पढ़ाई का खर्च भी वह मुश्किल से उठा पा रही है । ससुर भी अब अस्वस्थ है और नियमित दवाओं पर निर्भर है । हेमलता ने जिला प्रशासन से मदद की अपील करते हुए कहा कि मुझे कहीं भी रोजगार मिल जाए, ताकि परिवार की जरूरतें पूरी हो सकें।