शिमला के रोहड़ू में 12 वर्षीय बच्चे की आत्महत्या मामला / आरोपी महिला गिरफ्तार , एएसआई निलंबित , अनुसूचित जाति आयोग सख्त

शिमला के रोहड़ू उपमंडल में 12 वर्षीय बच्चे की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई को निलंबित किया गया है और आयोग ने डीएसपी रोहड़ू से स्पष्टीकरण मांगा है।

शिमला।

आत्महत्या मामले में आरोपी महिला गिरफ्तार
रोहड़ू उपमंडल के लिंमड़ा गांव में 12 वर्षीय बच्चे की आत्महत्या मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम से जुड़ा होने के कारण अब इसे विशेष प्रावधानों के तहत जांचा जा रहा है।

एएसआई निलंबित, डीएसपी से स्पष्टीकरण तलब
मामले के जांच अधिकारी एएसआई को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने डीएसपी रोहड़ू की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उनसे तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रारंभिक जांच में बरती गई लापरवाही
कुलदीप कुमार ने बताया कि 20 सितंबर को दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम 1989 की धाराएं शामिल नहीं की गई थीं। उन्होंने कहा कि मामले की शुरुआती जांच में ढील बरती गई और जांच अधिकारी ने सही दिशा में कार्य नहीं किया।

पीड़ित परिवार को दी जाएगी सुरक्षा
आयोग अध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि बच्चे को “अछूत” कहकर घर में प्रवेश से रोका गया और परिवार से घर की शुद्धि के लिए बकरे देने की मांग की गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने शुरू में एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आयोग ने जताई नाराजगी, रिपोर्ट मांगी
कुलदीप कुमार ने कहा कि जब यह मामला आयोग के संज्ञान में आया तो तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि 1 अक्तूबर को आयोग ने एसडीपीओ रोहड़ू से तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी थी, पर समय पर रिपोर्ट नहीं मिली। 14 अक्तूबर, 2025 को डीजीपी कार्यालय से रिपोर्ट प्राप्त हुई।

पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
एसएसपी शिमला संजीव गांधी ने पुष्टि की है कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।