शिमला में एंट्री टैक्स और ईंधन सेस के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स और पेट्रोल-डीजल पर सेस बढ़ाने के फैसले के खिलाफ भाजपा ने जोरदार विरोध दर्ज किया। विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया गया। विपक्ष ने चेतावनी दी कि फैसले वापस न लेने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
शिमला
विधानसभा में भाजपा का विरोध प्रदर्शन
प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा एंट्री टैक्स और ईंधन पर सेस बढ़ाने के निर्णय के विरोध में भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट तक मार्च किया और मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
सरकार के फैसलों को बताया जनविरोधी
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के ये फैसले आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगे। खासतौर पर एंट्री टैक्स में भारी बढ़ोतरी और ईंधन पर नए सेस को लेकर भाजपा ने कहा कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग प्रभावित हो सकता है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ सकता है असर
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि इन फैसलों का असर पड़ोसी राज्यों तक दिखाई दे रहा है, जहां लोग और ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और कानून व्यवस्था की चुनौती भी पैदा हो सकती है।
फैसले वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी
विपक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने एंट्री टैक्स और सेस को वापस नहीं लिया, तो विरोध और तेज किया जाएगा। भाजपा ने सरकार से जनहित को प्राथमिकता देने और फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।