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शिशु तथा मातृ मृत्यु दर कम करने को लेकर 21 नवम्बर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय नवजात सप्ताह

PRIYANKA THAKUR • 17 Nov 2022 • 1 Min Read

HNN / मंडी

राष्ट्रीय नवजात सप्ताह का जिला स्तरीय जागरूकता अभियान का आयोजन मातृ एवं शिशु अस्पताल मण्डी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि शिशु जीवन के पहले चार सप्ताह बहुत ही जोखिम भरे और कष्टदायक होते है। क्योंकि प्रसव के दौरान व जन्म के एक घण्टे के भीतर लगभग 40 प्रतिशत नवजात की मौते हो जाती है।

नवजात शिशुओं की सभी मौतों में से तीन चौथाई शिशु जीवन के पहले सप्ताह में ही मर जाते है। जबकि शिशु जन्म के समय नवजात को उचित देखभाल तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करके नवजात शिशु मृत्यु को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य के तहत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का आयोजन 15 नवम्बर से 21 नवम्बर 2022 तक जागरूकता अभियान में मनाया जा रहा है।

डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने इस दौरान जिला मण्डी में होनी वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एस.एन.सी.यू./एन.बी.सी.यू. तथा प्रसव कक्ष से जुड़े लोगों तथा स्वास्थ्य देखभाल देने वालों को परामर्श व मेंटरिंग की जायेगी और गुणवत्ता को परखने के लिए भ्रमण किया जाएगा।

जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सोहन लाल ने बताया कि नवजात शिशुओं मेें खतरे के लक्षण जिसमें दूध पीना कम, सांस लेने में कठिनाई, तेज सांस, दौरे पड़ना, झटके आना, शरीर का ठण्डा पड़ने पर कंगारू मदर केयर देना, उल्टी होना या नाभी नाल में पस हो, तो तुरन्त स्वास्थ्य केन्द्र भेजने के लिए लोगों को जागरूक करना है तथा इस अवधि के दौरान अपने भ्रमण का ब्यौरा स्वास्थ्य केन्द्र पर भेजना है।