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शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर जागरूकता शिविर हुआ आयोजित

PARUL • 21 Feb 2024 • 1 Min Read

HNN/मंडी

कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश जिला मंडी कृषि प्रद्यौगिकी प्रबंधन अभिकरण “आतमा” जिला मंडी विकास खंड सुंदरनगर द्वारा प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत ध्वाल में दो दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी तथा प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाले घटकों को प्रयोगात्मक रूप से बताया गया जिसमें बीजामृत, घनजीवामृत, जीवामृत, द्रेकास्त्र, ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी अर्क, अग्निअस्त्र तथा सप्तधान्य अंकुर अर्क आदि शामिल थे।

किसानों को अपनी प्राकृतिक खेती से लगाई हुई फसलों को बीमारी से बचाने के लिए खट्टी लस्सी का उपयोग करना भी सिखाया। सुंदरनगर कृषि विकासखंड के खंड तकनीकी प्रबंधक लेखराज ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया व आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दे।

उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभ से अवगत करवाया और बताया कि शुन्य लागत प्राकृतिक खेती से किसान कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकता है। इस खेती में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग वर्जित होने से फसल जहर मुक्त होती है जिसके सेवन से स्वास्थ्य ठीक रहेगा और बहुत सी जानलेवा बीमारियों से बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि लोभ, अज्ञानता व अधिक उत्पादन के लालच में लोगों ने रासायनिक उर्वरक व कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग‍ कर इस धरती माता को अनेक समस्याओं से ग्रसित कर दिया है। इसके फलस्वरूप पंचमहाभूत भूमि, जल, वायु, अग्नि व अंतरिक्ष सभी प्रभावित हुए हैं। मनुष्यों में रोग बढ़ रहे हैं साथ ही जलवायु परिवर्तन भी हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए एक संतुलित व एकीकृत प्रयास की आवश्यकता है। इस दिशा में प्राकृतिक खेती का समायोजन एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।