श्री रेणुका जी / 14 घंटे के हाई-टेक रेस्क्यू ऑपरेशन से बची गौ माता की जान
श्री रेणुका जी क्षेत्र में एक गौ माता को बचाने के लिए चला 14 घंटे लंबा हाई-टेक और जोखिम भरा ऑपरेशन सफल रहा। खड़ी चट्टानों और उफनती गिरी नदी के बीच फंसी गाय को स्थानीय टीमों और होमगार्ड्स ने मिलकर सुरक्षित बाहर निकाला।
ददाहू
ढांग में फंसी गाय बनी चुनौती
करीब एक हफ्ते से खराटुवा कुंड के पास एक गाय खड़ी ढांग में फंसी हुई थी। ऊंची चट्टानें और नीचे बहती नदी ने बचाव को बेहद कठिन बना दिया। जैसे ही माँ रेणुका जी सेवा समिति को मंगलवार दोपहर सूचना मिली, टीम मौके पर पहुँची। उन्होंने कई कोशिशें कीं, लेकिन ऊपर से गिरते पत्थरों और गहराई की वजह से प्रयास सफल नहीं हो सके।
ड्रोन की मदद से बनाया रास्ता
टीम ने तकनीक का सहारा लिया और ड्रोन के जरिए एक पतली रस्सी फंसी हुई गाय तक पहुँचाई। लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण अभियान रोकना पड़ा और ड्रोन भी एक पेड़ में अटक गया।
अगले दिन प्रशासन भी उतरा मैदान में
बुधवार सुबह सेवा समिति और गौ सेवा सदन ददाहू की टीम फिर मौके पर पहुँची। संसाधनों की कमी देखते हुए प्रशासन को सूचना दी गई। तुरंत ही गृह रक्षा कंपनी 4/4 श्री रेणुका जी के कमांडर सुरेश कुमार अपनी टीम के साथ पहुँचे और अभियान में शामिल हो गए।
खतरों के बीच टीम का साहस
होमगार्ड और समिति के सदस्य लगातार कई घंटों तक जीवन जोखिम में डालकर प्रयास करते रहे। मोटी रस्सियाँ पहुँचाने के बाद गाय को धीरे-धीरे सुरक्षित दूसरी ओर लाया गया। नदी के बीचों-बीच फंसी गाय को बाहर निकालने में सबने सांसें थाम लीं, लेकिन अंततः दोपहर 3 बजे उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गौ माता सुरक्षित, जयकारों से गूँजा इलाका
जैसे ही गौ माता बाहर निकलीं, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग गौ माता की जयकारे लगाने लगे। तहसीलदार ददाहू जय सिंह ठाकुर ने मौके पर पहुँचकर पूरी टीम की बहादुरी और समर्पण की जमकर सराहना की।
सामाजिक एकजुटता का उदाहरण
इस अभियान ने एक बार फिर दिखा दिया कि आपदा या कठिन परिस्थिति में जब स्थानीय संगठन, प्रशासन और सुरक्षा बल एक साथ आते हैं तो किसी भी चुनौती को पार करना संभव हो जाता है।