श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चौकीमन्यार में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन
HNN/ ऊना/वीरेंद्र बन्याल
चिंतपूर्णी विधानसभा एवं उप तहसील जोल के अंतर्गत आने वाले श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चौकीमन्यार के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। गुरुकुलम के भागवताचार्य आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने व्यास पीठ पर विराजमान होकर भागवत कथा का श्रवण कराया। श्रीमद् भागवत कथा के विभिन्न धार्मिक प्रसंग सुनाए गए साथ ही भजनों की प्रस्तुति से भक्तगण आत्म विभोर होकर झूम उठे।
इसके साथ ही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। इस कथा का आयोजन संतोष कुमार कौशल ने अपनी स्वर्गीय माता की यादगार में करवाया। भगवान श्री कृष्ण के वात्सल्य असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा की गई विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्यापक अत्याचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया।
इस धार्मिक अनुष्ठान के समापन दिवस पर भगवान श्री कृष्ण की सर्वोपरि लीला रासलीला,मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध, शिशुपाल बध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायको ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। इस कथा में बड़ी संख्या में महिला पुरुषों भक्तों ने आनंद उठाया।
उन्होंने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उसे अनुरूप आचरण करने को कहा, जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है,वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है।समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है। इतिहास इसका साक्षी है।कथा के पश्चात आरती की गई व सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के आयोजन संतोष कौशल ने बताया कि कार्यक्रम के अंतिम दिन सुबह हवन एवं पूर्णाहुति तथा भंडारे का आयोजन किया गया।