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सभी प्राइवेट अस्पतालों में अब हिम केयर कार्ड बंद

Shailesh Saini • 27 Jul 2024 • 1 Min Read

प्राइवेट अस्पतालों के लिए कमाई का बना था जरिया, सरकारी कर्मचारी भी उठा रहे थे रिवर्समेंट के बावजूद लाभ

HNN News शिमला

हिम कार्ड के दुरुपयोग को लेकर प्रदेश कैबिनेट ने फिलहाल पैनल में शामिल लगभग 141 निजी अस्पतालों इस सुविधा को रोक दिया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निजी अस्पतालों में हिम केयर कार्ड को लेकर जो आंकड़े दिए गए थे उसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली थी।

जानकारी यह भी मिली थी कि सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्य के नाम से बने हिम केयर कार्ड पर इलाज किया जा रहा था जबकि सरकारी कर्मचारी सरकार की ओर से मिल रही दिवस सीमेंट की सुविधा का भी लाभ ले रहा था।

यही नहीं जानकारी तो यह भी मिली थी कि कई सरकारी कर्मचारियों ने भी यह कार्ड बनवाया हुआ था। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस सुविधा के तहत सरकार का 998 करोड रुपए खर्च हुआ था जबकि इसकी एवरेज में प्राप्त होने वाला प्रीमियम केवल 102 करोड़ के लगभग ही रहा। प्रदेश में कुल 31 लाख हिम केयर कार्ड बने हुए हैं सरकार पर अभी भी 370 करोड रुपए की लायबिलिटी है।

स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे कार्ड की भी स्क्रीनिंग करेगा जो सरकारी कर्मचारी इसे बनवाए हुए थे। हिम करे कार्ड को लेकर अगला फैसला लिए जाने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी भी बनाई गई है। यह कमेटी अब स्वास्तिक क्षेत्र के सभी सुधरो का जमा भी देखेगी।

इस सब कमेटी में चार कैबिनेट मंत्री भी जोड़े गए हैं जिसमें हेल्थ मिनिस्टर राजस्व मिनिस्टर कृषि मंत्री तथा आयुर्वेदिक मंत्री को भी शामिल किया गया है। ऐसे में यदि सब कमेटी चाहेगी तो कुछ बड़े प्राइवेट अस्पतालों को फिर से पैनल में डाल सकती है।

हिमाचल नाऊ न्यूज़ के द्वारा पहले भी कई बार प्राइवेट अस्पतालों में हिमकार्ड के दुरुपयोग को लेकर खबरें प्रकाशित की गई थी। इस कार्ड के तहत सबसे ज्यादा धांधली कोरोना काल में हुई थी। वहीं कई निजी अस्पताल अपने बकाया भुगतान को लेकर सरकार पर लंबे समय से दबाव भी बना रहे थे। ऐसे में विषय उच्च स्तरीय जांच का भी बन जाता है जिसमें कई निजी अस्पताल जांच के दायरे में आ सकते हैं।

बता दे की पूर्व में रही भाजपा की जयराम सरकार के द्वारा वर्ष 2019 को इस योजना को शुरू किया गया था। बरहाल प्रदेश में लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए भी अब यह कार्ड हर तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा