कांगड़ा-चंबा के बीच दूरी घटेगी , पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार , रोजगार के सृजन का खुला मार्ग
राज्यसभा सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर चंबा और कांगड़ा जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण होली-उतराला मार्ग के निर्माण कार्य को केंद्रीय एजेंसी से कराने का अनुरोध किया। उन्होंने इस परियोजना के लिए केंद्रीय फंड से बजट प्रावधान की भी मांग की।
सांसद ने बताया कि होली-उतराला मार्ग के निर्माण से प्रदेश के सबसे बड़े जिलों कांगड़ा और चंबा के बीच की दूरी 125 किलोमीटर से घटकर मात्र 60 किलोमीटर रह जाएगी। यह मार्ग न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि धौलाधार पर्वतमाला के दोनों ओर बसे होली, भरमौर और कांगड़ा क्षेत्र के गद्दी समुदाय के हजारों लोगों को आवाजाही में सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही, इस मार्ग से जनजातीय क्षेत्र भरमौर के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। धौलाधार पर्वतमाला के मनोरम और अब तक अछूते स्थान पर्यटकों के लिए सुलभ हो जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। मार्ग के निर्माण से कांगड़ा और चंबा जिलों की लगभग 1.5 से 2 लाख की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा।
सांसद ने यह भी कहा कि होली-उतराला मार्ग दोनों जिलों के बीच आवागमन को तेज कर पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए अवसर पैदा करेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को इस सड़क मार्ग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
होली-उतराला मार्ग को क्षेत्रीय विकास और सामरिक महत्व का मानते हुए इसके निर्माण को तेजी से पूरा करने की मांग ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस परियोजना पर आगे क्या प्रगति होती है।

