सिरमौरी धाम के मास्टर शेफ हैं कमलाड शमशेर
20 कारीगरों की टीम के साथ पट॔डे,अशकली सहित दर्जनों पारंपारिक व्यंजन बनाने में है एक्सपर्ट
HNN News नहान श्री रेणुका जी
कांगड़ी और मंडियाली जहां खाना बांटने और बनाने की मर्यादा के लिए जानी जाती है तो वही सिरमौरी धांम स्वाद और पौष्टिकता के साथ स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती है। म॓डियाली और कांगड़ी धांम को भोटी बनाया करते हैं मगर त्रिवेणी धाम को गांव के ही कुछ लोग मिलजुल कर भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए बनाते हैं।

अभी तक सिरमौरी धाम में पारंपरिक व्यंजनों के बनाने वाले एक्सपर्ट की भारी कमी महसूस की जाती थी। मगर अब सिरमौर के कमलाहड गांव जो कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है वहां से सिरमौरी धाम को बनाने की शुरुआत हुई है।

स्थानीय निवासी शमशेर ठाकुर ने पहाड़ी व्यंजनों को बनाने वाले 20 आदमियों की टीम के साथ पहाड़ी खाना के नाम से इसकी शुरुआत कर दी है। हालांकि शमशेर की टीम लंबे समय से शादी ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में धाम बनाने का कार्य करते थे । मगर अब उन्होंने पारंपारिक सिरमौरी व्यंजनों को जिंदा रखने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की है विरा
शमशेर ठाकुर की टीम में ठाकुर दलीप सिंह ठाकुर रणजीत सिंह जैसे करीब 20: पहाड़ी व्यंजन बनाने वाले एक्सपर्ट शामिल है । यह पूरी टीम पटंडे ,लुशके,अशकली, दाल भात और सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह टीम जिमीकंद की सब्जी विशेष ट्रीटमेंट के साथ बनाती है। बताया जाता है कि जिमीकंद जोकि पहाड़ी वैरायटी का होता है इसे बनाने में अच्छे-अच्छे को अपनी नानी याद आ जाती है। मगर पहाड़ी खाना की टीम के द्वारा बनाया गया जिमीकंद लोग इतने स्वास्थ्य खाते हैं कि उनका पेट तो भर जाता है मगर नियत नहीं भर पाती।
इस प्रकार कई दर्जन ऐसे खाने हैं जिनके बारे में सिरमौरी लोग भी कम जानते हैं यह टीम उन्हें भी बनाने में एक्सपर्ट है। यही नहीं सुरू जो कि कैक्टस प्रजाति का होता है उसका रायता बनाने में भी इनका कोई जवाब नहीं है।
यह पहाड़ी खाना की टीम शादी ब्याह आदि में धाम बनाने के लिए विशेष बर्तनों का भी इस्तेमाल करती है। जिसमें भड्डू भभका जिसे स्टीमर भी कहते हैं उनका इस्तेमाल भी करते हैं। मक्की की रोटी बेड़मी रोटी कोदै की रोटी इसके अलावा धिंदडे,कूकवा का साग जैविक दर्जनों पहाड़ी आइटम है जिन्हें यह टीम बनाती है।
बरहाल जहां अब शादी ब्याह आदि धाम में लोग मटर पनीर शाही पनीर मिक्स वेज जैसे भारी वसायुक्त खाना खाने से परहेज करने लग पड़े हैं तो वहीं अब जब से पहाड़ी खाना ने सिरमौरी खाने को धाम का मुख्य आकर्षण बनाया है तब से अब लोगों का रुझान भी पहाड़ी खाने की तरफ हो गया है।
पहाड़ी खाना यानी सिरमौरी व्यंजनों को अपने शादी ब्याह दी कार्यक्रम में शामिल करने के लिए शमशेर ठाकुर से 9857802810 नंबर पर संपर्क भी किया जा सकता है। बड़ी बात तो यह भी है कि सिरमौरी पहाड़ी खाना की इस टीम का ड्रेस प्रोटोकॉल भी सिरमौरी टोपी और पीला कुर्ता पजामा है।