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सिरमौर: जलशक्ति विभाग में 70 फीसदी स्टाफ खाली, पेयजल संकट से निपटना बड़ी चुनौती

Ankita • 29 Jul 2024 • 1 Min Read

सिरमौर के अधिकतर क्षेत्रों में हांफने लगी योजनाएं, बारिश बिना रिचार्ज नहीं हो रहे जलस्रोत

HNN/ नाहन

जलशक्ति विभाग सिरमौर में स्टाफ का भारी टोटा पेयजल योजनाओं के रखरखाव और पानी जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आलम ये है कि विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के 70 फीसदी पद खाली चल रहे हैं। इस समय विभाग की सबसे बड़ी चिंता ये है कि इस बरसात में अबतक 20 फीसदी जलस्तर भी रिचार्ज नहीं हो पाए गए हैं। जबकि अगस्त तक भूमिगत जलस्तर में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज हो जाती थी।

स्टाफ के संकट से जूझ रहे जलशक्ति विभाग में आने वाले समय में योजनाओं को चलाना भी बड़ी चुनौती बन जाएगा। बता दें कि जलशक्ति विभाग उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पास है। बावजूद इसके विभाग स्टाफ के टोटे से नहीं उभर पा रहा है। लिहाजा, विभाग में पानी की शिकायतों और समस्याओं के साथ साथ योजनाओं के रखरखाव के लिए बचे खुचे स्टाफ पर काम का अतिरिक्त दबाव है।

बता दें कि सिरमौर में जलशक्ति विभाग की 1404 उठाऊ और प्रवाह पेयजल योजनाएं संचालित करने के लिए केवल 30 फीसदी स्टाफ ही विभाग के पास है। विभाग के चार मंडल हैं। मौजूदा समय में एसडीओ नाहन, सराहां, नारग, राजगढ़, ददाहू, नौहराधार, पांवटा साहिब, जमटा का पद खाली चल रहा है। सिरमौर में कनिष्ट अभियंता के कुल 58 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 32 पद खाली चल रहे हैं। सिर्फ 26 पद भरे गए हैं।

यही नहीं विभाग के मंडलों और उपमंडलों की बात की जाए तो ऑफिशियल स्टाफ में भी 30 फीसदी पदों का टोटा चल रहा है। कमोबेश फील्ड स्टाफ की हालत इससे भी बदतर है, जिससे पेयजल योजनाएं रामभरोसे चल रही हैं। उधर, अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने माना कि विभाग में स्टाफ का भारी टोटा चल रहा है।

सबसे बड़ी चिंता ये है कि इस बरसात में अबतक भूमिगत जलस्तर 20 फीसदी भी रिचार्ज नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर पेयजल योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो आने वाली सर्दियों और गर्मियों में पेयजल संकट से निपटना विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा।