सिरमौर में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई भारी तबाही, आम-लीची की फसलें तबाह, पेड़ उखड़े, बिजली गुल
नाहन
तीन दिनों से लगातार मौसम का कहर, किसानों को भारी नुकसान, राहत और मुआवजे की उठी मांग
तेज तूफान और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
बुधवार दोपहर के बाद सिरमौर जिले में आए तेज अंधड़, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते आम और लीची की फसल को गहरी क्षति पहुंची है, जबकि कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए।

बिजली आपूर्ति 8 घंटे से अधिक रही बाधित
तेज हवाओं और गिरते पेड़ों के कारण जिले में जगह-जगह बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। जिला मुख्यालय नाहन सहित ग्रामीण इलाकों में शाम 5 बजे से लेकर रात्रि 1:30 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग के कर्मचारी रातभर आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
बिक्रम बाग़ और देवनी में सबसे अधिक तबाही
बिक्रम बाग़ और देवनी पंचायत में आंधी-तूफान ने बागवानी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। आम के बगीचों में लगभग 80 प्रतिशत फसल तबाह हो चुकी है। देवनी के कौंथरों, ढेला, खदरी, लालपिपल और बिक्रम बाग़ के बेला, पिपलवाला, आकांवाला, डाढूवाला, सिम्बलवाला में सैकड़ों पेड़ गिरे और बागवानी को भारी नुकसान हुआ।
बागवानों की अपील—मुआवजा मिले
देवनी के संजीव राणा, अनीश सैनी, सतीश कुमार, अरुण कौशल, सुमेर चंद और बिक्रम बाग़ के सतपाल शर्मा, मोहम्मद हनीफ, मुश्ताक अहमद, मोहन लाल सहित दर्जनों बागवानों ने बताया कि उनके बगीचों में खड़ी आम-लीची की फसल और फलदार पेड़ नष्ट हो गए हैं। मुश्ताक अहमद के लीची के लदे पेड़ और मोहन लाल के कटहल का पेड़ जड़ से उखड़ गया। बागवानों ने सरकार से जल्द सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।