सिरमौर में चरस तस्करी के दो दोषियों को तीन साल का कठोर कारावास, नाहन अदालत का बड़ा फैसला
सिरमौर में चरस तस्करी : राजगढ़ में 114 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए दो व्यक्तियों को नाहन की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला नशा तस्करी के खिलाफ अदालत के सख्त रुख को दर्शाता है।
नाहन
2020 की घटना, गिरि नदी पुल पर पकड़े गए थे आरोपी
31 दिसंबर 2020 को पुलिस टीम रात करीब 8:15 बजे राजगढ़ के पलाशला सड़क की ओर गिरि नदी पुल पर गश्त कर रही थी। तभी दो संदिग्ध युवक पैदल आते दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और पीछे की ओर भागने लगे। इस दौरान एक युवक ने अपने कंधे पर लटका बैग पहाड़ी की ओर फेंक दिया। पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।
बैग से मिली 114 ग्राम चरस, अभियोजन ने पेश किए 13 गवाह
पकड़े गए युवकों में प्रेम पाल निवासी बरगाला और रणदीप निवासी कनेच, तहसील राजगढ़ शामिल थे। पुलिस ने फेंके गए बैग से 114 ग्राम चरस बरामद की। मामले की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए। सभी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20, 29, 61-85 के तहत सजा
विशेष न्यायाधीश योगेश जसवाल की अदालत ने दोनों दोषियों को एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तीन साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना सुनाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोनों को दो-दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत का सख्त संदेश – नशा तस्करी पर कोई रियायत नहीं
लोक अभियोजक चंपा सुरील ने अदालत को बताया कि यह मामला गंभीर है और समाज को नशे से बचाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है। अदालत का यह फैसला नशा तस्करी के खिलाफ कानून की दृढ़ता और पुलिस की सक्रियता का प्रतीक है।