HNN/ पांवटा
किसको पता था कि हिमाचल के सिरमौर जिले के शिलाई तहसील के अंतर्गत झकांडों गांव के लायक राम व गुलाबी देवी के वीर सपूत टीका राम इस तरह अपनों को छोड़ कर दुनिया को अलविदा कह जाएंगे। सैनिक टीका राम 26 पंजाब रेजीमेंट के अतंर्गत पठानकोट में तैनात थे और अपनी यूनिट से जनवरी में नवजात बेटी रघुवंशी एवं पत्नी रवीना से मिलने के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे।
दुर्भाग्यवश 10 फरवरी को पांवटा सहिब में वाहन दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए। तब उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सैन्य अस्पताल दिल्ली ले जाया गया। तब से लेकर अब तक वे जीवन से जंग लड़ते रहे। लेकिन किसे पता था भारतीय सेना का यह बहादुर जवान वापस घर नहीं पहुंचेगा। पिता लायक राम, माता गुलाबी देवी, पत्नी रवीना एवं नवजात रघुवंशी, भाई जवाहर व दिनेश दिन रात अपने चहेते टीका राम के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते रहे।
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सभी पलके बिछाए अपने लाडले के घर आने की राह देखते रहे। लेकिन इसके विपरीत दुर्घटना से चोटिल सैनिक टीका राम सैन्य अस्पताल दिल्ली में जिंदगी से आखिरी जंग हार गए। जैसे ही यह खबर गांव व क्षेत्र में फैली तो पूरा क्षेत्र अपने वीर सपूत को खोकर गमगीन हो गया। किसे पता था कि 7 महीने की नवजात बेटी रघुवंशी के सिर से पिता का साया उठ जाएगा।
देर रात पार्थिव देह को लेकर काफिला गांव पहुंचा तो परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। सभी लोग इस दुःखद घटना से स्तब्ध थे। प्रातः सैनिक टीका राम की पार्थिव देह को पूरे सैन्य सम्मान के साथ मुखाग्नि प्रदान की गई और एक माटी का लाल सदा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया। सैन्य टुकड़ी ने सैनिक टीका राम को आखिरी सलामी दी।
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