स्वास्थ्य अभियान में सिरमौर की बड़ी उपलब्धि: 178009 बच्चे हुए कृमि मुक्त , 99.11 प्रतिशत लक्ष्य हासिल
सिरमौर
स्वास्थ्य कर्मियों और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान बना सफल उदाहरण
अभियान की सफलता का आंकड़ा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला सिरमौर में 20 फरवरी 2025 तक चलाए गए कृमि मुक्ति अभियान में 1 से 19 वर्ष की आयु के 178009 बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त किया गया। इस अभियान में कुल 179605 बच्चों को लक्ष्य में शामिल किया गया था, जिसमें से 99.11 प्रतिशत बच्चों तक अल्बेंडाजोल दवा पहुंचाई गई।
गैर-स्कूली और निजी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी
इस अभियान की विशेष बात यह रही कि स्कूली बच्चों के साथ-साथ 5338 गैर-स्कूली बच्चों को भी शामिल किया गया। सरकारी स्कूलों के 81449, निजी स्कूलों के 49348, आंगनवाड़ी केंद्रों के 4229 और गैर-आंगनवाड़ी बच्चों के 1251 बच्चों को भी दवा दी गई। कुल बच्चों में 92391 लड़के और 85618 लड़कियां थीं।
पिछले वर्ष की तुलना में आंकड़ों में गिरावट
9 अगस्त 2024 को हुए अभियान में 172660 बच्चों को लक्ष्य बनाया गया था, जिनमें से 99.92 प्रतिशत बच्चों तक दवा पहुंची थी। वर्ष 2025 के आंकड़े पिछले वर्ष से थोड़े नीचे हैं, लेकिन जिले में स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर खानपान के चलते बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ी है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की जानकारी
यह अभियान नेशनल डी-वॉर्मिंग डे के अंतर्गत मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को पेट में कीड़े होने से होने वाली समस्याओं से बचाना है। एल्बेंडाजोल नामक दवा बच्चों को मुफ्त दी जाती है, जिससे वे पेट दर्द, थकान, भूख न लगना और मानसिक विकास की रुकावट जैसी समस्याओं से मुक्त हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
सीएमओ डॉ. अमिताभ जैन ने बताया कि विभाग ने इस अभियान को गंभीरता से लिया और सभी बच्चों तक समय पर दवा पहुंचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में एल्बेंडाजोल टेबलेट्स की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के समर्पण की भी सराहना की।