हजारों मरीजों को जीवनदान देने वाले डॉ. संदीप शर्मा नहीं रहे
Himachalnow / नाहन
स्वास्थ्य सेवा में अद्वितीय योगदान देने वाले डॉक्टर का निधन , क्षेत्र में शोक की लहर
हजारों मरीजों को जीवनदान देने वाले जाने-माने डॉक्टर संदीप शर्मा का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से पीजीआई चंडीगढ़ में निधन हो गया। 61 वर्षीय डॉ. शर्मा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसे सदैव याद किया जाएगा। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सोलन में अपना निजी अस्पताल स्थापित किया, जहां दूरदराज के गांवों से भी मरीज उनका इलाज कराने आते थे।
मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के धनी डॉ. शर्मा ने सोलन और सिरमौर जिलों में वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। बीएमओ के पद पर रहते हुए भी वह दिन-रात मरीजों के लिए उपलब्ध रहते थे। उनका कोरोना काल में योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जब उन्होंने मरीजों के बीच जाकर उनकी सेवा की, चाहे वह जोखिम कितना भी बड़ा क्यों न हो।
डॉ. शर्मा को पहले से हृदय संबंधी समस्याएं थीं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिवारजन उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ लेकर गए, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। इससे पहले उन्हें दो बार स्टंट डाला गया था। सराहां और संगड़ाह में उनका कार्यकाल यादगार रहा। कुछ महीने पहले ही वे बीएमओ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
उनकी सेवाएं इतनी प्रेरणादायक थीं कि मरीज अन्य डॉक्टरों के होने के बावजूद केवल डॉ. शर्मा से ही इलाज करवाने की जिद करते थे। उनका मानवीय दृष्टिकोण और समर्पण अद्वितीय था।
डॉ. संदीप शर्मा के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पच्छाद विधायक रीना कश्यप ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे पच्छाद के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने उन्हें एक उत्कृष्ट चिकित्सक और करुणा से भरे व्यक्ति के रूप में याद किया।