तीन पंचायतों के लोगों को रियायती किराए पर मिलेगी मां बगलामुखी रोप-वे की सुविधा, उपायुक्त ने जारी किए आदेश
मंडी जिले की तीन पंचायतों के लोगों को बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मां बगलामुखी रोप-वे का उपयोग रियायती किराए पर करने की अनुमति दी गई है। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, जो 13 जुलाई 2026 से अगले आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
मंडी
आदेशों के अनुसार बालीचौकी उपमंडल की कुकलाह और कशौड़ ग्राम पंचायत तथा गोहर उपमंडल की तांदी ग्राम पंचायत के बाखली वार्ड के निवासी एचपीआरटीडीसी द्वारा निर्धारित स्थानीय रियायती किराए पर पंडोह स्थित मां बगलामुखी रोप-वे का उपयोग कर सकेंगे। प्रशासन ने इस सुविधा को प्रभावित क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के रूप में मंजूरी दी है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर बरसात के दौरान आपदा प्रबंधन कार्यों में भी रोप-वे का उपयोग किया जाएगा।
संपर्क व्यवस्था बाधित होने के बाद लिया गया निर्णय
उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025 के मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण इन क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई थी। मौजूदा मानसून सीजन में भी जलस्तर बढ़ने और अन्य परिस्थितियों के कारण कई स्थानों पर संपर्क बाधित है, जिससे स्थानीय लोगों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में मां बगलामुखी रोप-वे वर्तमान समय में इन क्षेत्रों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन साधन बना हुआ है।
पहचान पत्र की जांच के बाद मिलेगी सुविधा
उपायुक्त ने रोप-वे संचालक और एचपीआरटीडीसी प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि रियायती किराए का लाभ केवल पात्र स्थानीय निवासियों को ही दिया जाए। इसके लिए यात्रा से पहले स्थानीय निवासी होने का प्रमाण जांचा जाएगा और उसका समुचित रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।