HNN/ सोलन
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने तथा कन्या सुरक्षा के दृष्टिगत अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है। इस दिशा में सखी वन स्टॉप सेंटर, बेटी है अनमोल योजना तथा शगुन योजना लक्षित वर्गों का सशक्त सम्बल बन कर उभरी है। उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से लघु सचिवालय के अधिवेशन कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
उपायुक्त ने कहा कि वन-स्टॉप सेंटर योजना, जिसे सखी के नाम से भी जाना जाता है, राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण मिशन की व्यापक योजना का एक घटक है। वन स्टॉप सेंटर का मूल उद्देश्य महिलाओं को निजी या सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा के दुष्चक्र से बचाव का है। इस योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार से पीड़ित महिला एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थाई आश्रय सहायता, विधि सहायता, चिकित्सा एवं कांउसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
सोलन में वन स्टॉप सेंटर जिला अस्पताल के रेडक्रॉस के कमरे में चलाया जा रहा है। बैठक के दौरान अवगत करवाया कि समाज में कन्याओं की सुरक्षा प्रोत्साहित करने के लिए बेटी है अनमोल योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में जन्मी 02 बेटियों के जन्म पर 21000 रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है।
इस योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष में सोलन जिला में 891 पात्र परिवारों की कन्याओं के नाम लगभग 44 लाख 11हजार 250 रुपए एफडी के रूप में जमा करवाए गए हैं। शगुन योजना के तहत बीपीएल परिवार में जन्म लेने वाली लड़की को 31000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत जिला सोलन में पात्र 229 महिलाओं को 70 लाख 99 हजार रुपए की आर्थिक राशि प्रदान की गई।

