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हाब्बी मानसिंह कला केंद्र में लोकनाट्य (शाहूकारों रा स्वांग) का प्रभावशाली मंचन, दर्शकों को दिया जागरूकता का संदेश

PRIYANKA THAKUR • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / रराजगढ़

राजगढ़ के जालग स्थित हाब्बी मानसिंह कला केंद्र में “शाहूकारों रा स्वांग” लोकनाट्य का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक बुराइयों जैसे जमाखोरी, मुनाफाखोरी, मिलावट और भ्रष्टाचार पर प्रहार किया गया और दर्शकों को जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत किया गया।

राजगढ़

पझौता क्षेत्र के जालग स्थित हाब्बी मानसिंह कला केंद्र में शुक्रवार को “शाहूकारों रा स्वांग” लोकनाट्य का प्रभावशाली मंचन किया गया। कार्यक्रम ने सामाजिक बुराइयों पर तीखा प्रहार करते हुए दर्शकों को गहरे संदेश के साथ जोड़े रखा।कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत किया गया। इसका शुभारंभ पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने किया। इसके बाद आसरा संस्था के कलाकारों ने डॉ. जोगेंद्र हाब्बी और विद्यानंद सरैक के निर्देशन में तैयार लोकनाट्य प्रस्तुत किया।

मंच पर ग्रामीण परिवेश का सजीव चित्रण करते हुए कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। लोकनाट्य के माध्यम से जमाखोरी, मुनाफाखोरी, खाद्य पदार्थों में मिलावट, भ्रष्टाचार और अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों को प्रभावी ढंग से उजागर किया गया। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार लालच व्यक्ति को अपराध की ओर धकेलता है और अंत में उसे कानून के तहत सजा मिलती है।

इस दौरान निष्पक्ष न्याय व्यवस्था और कानून के महत्व को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि आसरा संस्था गुरु-शिष्य परंपरा के तहत लुप्त होती लोकनाट्य परंपराओं को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रही है, ताकि पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।लोकनाट्य में रामलाल, गोपाल, संदीप, चमन, सरोज, अनु, दिनेश, अनिल, आरती, हेमलता, सुनील, जोगेंद्र, अमीचंद, मुकेश, मंगेश, चिरंजी, कृष्ण और अमन सहित करीब 22 कलाकारों ने भाग लिया।