हिमाचल के बागवानों को दिसंबर तक विदेशी सेब आयात से राहत की उम्मीद
HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश के बागवानों को विदेशी सेब के अनियंत्रित आयात से इस साल दिसंबर तक राहत मिलने की उम्मीद है। प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन (पीजीए) को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय और कृषि मंत्रालय से समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है। पीजीए ने सेब के न्यूनतम आयात मूल्य को 50 से बढ़ाकर 120 रुपये करने और विदेशी सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने की मांग उठाई है।
केंद्रीय वाणिज्य और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने पीजीए के प्रतिनिधियों को दिसंबर तक उनकी मांगों को हल करने का आश्वासन दिया। पीजीए ने मंत्रालयों को मेल के माध्यम से विस्तृत ब्रेकअप भेज दिया है और मिलने का समय मांगा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023-24 में 21 देशों से भारत में करीब 5 लाख मीट्रिक टन सेब आयात हुआ है।
ईरान और तुर्की से सबसे अधिक सेब आयात हुआ है, जो क्रमशः 1.37 लाख मीट्रिक टन और 1.17 लाख मीट्रिक टन है। अन्य देशों से भी बड़ी मात्रा में सेब आयात हुआ है, जिससे हिमाचल के बागवानों को नुकसान हो रहा है। पीजीए की मांगों के हल होने से बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है।