HNN/ शिमला
आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है जिसके चलते हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठ मां के जयकारों से गूंज उठे हैं। प्रदेश के सभी शक्तिपीठों में सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो चुका था जो कि निरंतर जारी है। हिमाचल के पांचों शक्तिपीठ नयना देवी, मां ज्वालाजी, मां चामुंडा देवी, मां ब्रजेश्वरी सहित चिंतपूर्णी मंदिर में मां के दर्शनों को सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ती जा रही है। प्रदेश के सभी शक्तिपीठों को नवरात्र के चलते भव्य तरीके से सजाया गया है।
वही श्रद्धालु लंबी-लंबी कतारों में लगे हुए हैं और अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय ही नहीं बल्कि बाहरी राज्यों के श्रद्धालु भी मां के दर्शन करने के लिए सुबह से ही कतारों में लगने शुरू हो चुके थे। बता दे, प्रदेश के तमाम शक्तिपीठों में मेलों का आयोजन किया जा रहा है। आज से शुरू हुए यह शारदीय नवरात्र 5 अक्टूबर तक जारी रहेंगे।
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ऐसे में मंदिरों में नवरात्र खत्म होने तक श्रद्धालुओं की भीड़ निरंतर बढ़ती जाएगी। इसी के दृष्टिगत प्रदेश के तमाम शक्तिपीठों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शक्तिपीठों में चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात किए गए हैं साथ ही सीसीटीवी कैमरे की मदद से भी श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
नारियल पर प्रतिबंध
कोविड काल अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है जिसके चलते कुछ पाबंदियां अभी भी जारी है। शक्तिपीठों में नारियल चढ़ाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इतना ही नहीं जो भी श्रद्धालु मां के दरबार में नारियल लेकर पहुंच रहे है उन्हे सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोका जा रहा है। कानून एवं व्यवस्था में तैनात जवानों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा आग्नेय अस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी है। इतना ही नहीं लाऊड स्पीकर के इस्तेमाल करने पर भी पूर्ण मनाही है। इसके अतिरिक्त ब्रास बैंड, ड्रम, लंबे चिमटे इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी है।
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