हिमाचल कैबिनेट बैठक : शिक्षकों की भर्ती, बजट सत्र और पेंशन स्कीम पर अहम फैसले संभव
Himachalnow / शिमला
शिक्षक भर्ती परीक्षा का नतीजा जल्द, पुरानी पेंशन स्कीम पर सरकार का रुख स्पष्ट होगा
ड्राइंग टीचर्स भर्ती परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित होने की संभावना
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ड्राइंग टीचर्स भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित करने को हरी झंडी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो ने फाइल पर कुछ आपत्तियां दर्ज की थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने दूर करने के निर्देश दिए हैं। इससे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बजट सत्र की तिथियों पर होगा निर्णय
कैबिनेट बैठक में बजट सत्र की तिथियों पर भी चर्चा होगी। संभावित रूप से यह सत्र मार्च के पहले सप्ताह से 10 मार्च के बीच शुरू हो सकता है और महीने के अंत तक चल सकता है। इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण का मसौदा तैयार करने पर भी चर्चा की जाएगी।
शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव संभव
स्कूलों के लिए दो निदेशालयों को मर्ज कर एक करने पर भी कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के पेपर लीक मामले में फंसी भर्तियों पर भी अहम फैसला लिया जा सकता है। इनमें पोस्ट कोड 980 ड्राइंग मास्टर, 962 क्लर्क, 971 लाइनमैन, 928 स्टेनो टाइपिस्ट, 977 मार्केट सुपरवाइजर, 916 फायरमैन और 970 जूनियर इंजीनियर की भर्तियां शामिल हैं।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS)
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार को एक बार फिर पत्र लिखकर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू करने की बात दोहराई है। यदि राज्य सरकार UPS लागू करती है, तो उसे 1600 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन हिमाचल सरकार ने OPS को जारी रखते हुए इसे लागू नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादे के तहत 1.36 लाख कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया, लेकिन इसके चलते राज्य की ऋण सीमा को 6600 करोड़ तक सीमित कर दिया गया। इसके अलावा, बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए भी कर्ज की सीमा 2900 करोड़ रुपए तय कर दी गई है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
नशे की रोकथाम और चिट्टा तस्करों पर सख्त कार्रवाई
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर भी कड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। चिट्टा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा होगी।