हिमाचल प्रदेश में जल्द लीगल हो सकती है भांग की खेती, सरकार ने गठित की पांच सदस्यीय कमेटी
HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश में जल्द भांग की खेती लीगल हो सकती है। सरकार ने भांग की खेती को लीगल करने के अलग-अलग पहलुओं पर रिपोर्ट देने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। इस कमेटी में सुंदर सिंह ठाकुर, डॉ. हंसराज, डॉ. जनक राज और पूर्ण चंद को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन नियम 63 के तहत भांग की खेती को लीगल करने को लेकर चर्चा की गई। द्रंग विधानसभा क्षेत्र से विपक्ष के सदस्य पूर्ण चंद ने सदन में इसकी चर्चा का प्रस्ताव लाया। सदस्यों ने भांग के औषधीय गुणों का हवाला देते हुए भांग की खेती करने की मांग उठाई।
इस चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भांग की खेती के बारे में विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भांग में कई औषधीय गुण होते हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भांग की खेती लीगल करने से प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस बात का ध्यान रखे जाने की भी बेहद जरूरत है कि भांग की खेती लीगल होने पर नशे का प्रचलन न बढ़े। उन्होंने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस बारे में फैसला ले सकती है। हिमाचल प्रदेश में अनुमानित 24 एकड़ में भांग की संगठित अवैध खेती हो रही है।
राज्य में हर साल 960 करोड़ रुपए के मूल्य की चरस की तस्करी का भी अनुमान है। ऐसे में अगर भांग की खेती लीगल की जाती है, तो इससे स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को खत्म करने में भी यह कारगर सिद्ध होगी।
