HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में घोषणा की कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों के वेतन-भत्ते दो महीनों के लिए विलंबित किए जाएंगे। इसके अलावा, विधायकों से भी अपने वेतन और भत्ते स्वेच्छा से विलंबित करने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कई कारण हैं, जिनमें राजस्व घाटा अनुदान में कमी, पीडीएनए की राशि का अभी तक प्राप्त नहीं होना, एनपीएस अंशदान की राशि का प्राप्त नहीं होना, जीएसटी मुआवजा मिलना बंद होना और ओपीएस बहाल करने के कारण उधार में कमी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की आय बढ़ाने और अनुत्पादक व्यय कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके परिणाम आने में समय लगेगा।
यह निर्णय प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लोगों के हित में लिया गया है और उन्हें इसके लिए सहयोग करने की अपील की गई है।

