हिमाचल बजट 2026 / सीएम सुक्खू आज पेश करेंगे चौथा बजट, इन सेक्टरों पर रह सकता है बड़ा फोकस
Himachalnow / शिमला
हिमाचल में आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपना चौथा बजट पेश करने जा रहे हैं, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। इस बजट में आर्थिक चुनौतियों के बीच नए राजस्व स्रोत और विकास की दिशा तय होने की उम्मीद है।
शिमला
चौथे बजट पर टिकी प्रदेश की नजरें
हिमाचल प्रदेश के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करने जा रहे हैं। यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि 2032 तक प्रदेश को देश के अग्रणी और समृद्ध राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक रणनीतिक रोडमैप भी पेश करेगा। खास बात यह है कि यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब राज्य को मिलने वाली राजस्व घाटा ग्रांट (RDG) 1 अप्रैल से समाप्त होने जा रही है, जिससे सरकार के सामने वित्तीय संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सात प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
इस बजट में सरकार ने सात प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई है, जिनमें पर्यटन, ऊर्जा और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर राज्य की आय में वृद्धि करने की योजना है। इसके साथ ही डेटा स्टोरेज, शिक्षा में आधुनिक तकनीक और कौशल विकास के जरिए युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने पर भी जोर दिया जा सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना है।
आर्थिक दबाव और बड़ी चुनौतियां
वर्तमान में हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। राज्य पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, जबकि हर महीने वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह बिना जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले राजस्व बढ़ाने के उपाय तलाशे और वित्तीय अनुशासन बनाए रखे। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट का आकार पिछले वर्ष के लगभग 58,514 करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है।
उम्मीदों का बढ़ता दबाव
आज सुबह 11 बजे जब मुख्यमंत्री बजट भाषण शुरू करेंगे, तो प्रदेश के विभिन्न वर्गों की उम्मीदें उनसे जुड़ी होंगी। सरकारी कर्मचारी और पेंशनर अपने एरियर और भत्तों को लेकर राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि विधायक अपने क्षेत्रों के विकास के लिए नई योजनाओं और फंड की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं आम नागरिक महंगाई के बीच राहत और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद के साथ इस बजट की ओर देख रहे हैं।