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हिमाचल बोर्ड के विद्यार्थियों को राहत: पिछली साल के दामों पर ही मिलेंगी किताबें

हिमाचलनाउ डेस्क • 2 Apr 2025 • 1 Min Read

अधिकतर विषयों की पुस्तकों के दाम स्थिर, कुछ में मामूली बढ़ोतरी

धर्मशाला, 2 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पुस्तकों के दामों में कोई वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ किताबों के दाम 1 से 7 रुपये तक बढ़े हैं, लेकिन यह बढ़ोतरी नाममात्र ही है।

विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर

  • 2025-26 सत्र की किताबें पिछले साल के ही दामों पर उपलब्ध होंगी
  • कुछ किताबों के दामों में 1 से 7 रुपये तक की ही वृद्धि हुई है
  • महंगाई के दौर में शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है
  • राज्य के सभी स्कूलों और विक्रय केंद्रों पर नई किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं

किन कक्षाओं के लिए कितनी किताबें प्रकाशित?

  • कक्षा 1 और 2 – 4-4 किताबें
  • कक्षा 3 और 4 – 5-5 किताबें
  • कक्षा 5 – 7 किताबें
  • कक्षा 6 – 26 किताबें
  • कक्षा 7 – 21 किताबें
  • कक्षा 8 – 25 किताबें
  • कक्षा 9 – 33 किताबें
  • कक्षा 10 – 26 किताबें
  • कक्षा 11 – 27 किताबें
  • कक्षा 12 – 25 किताबें

किताबों के नए और पुराने दाम (रुपयों में)

कक्षाकिताब का नामनया मूल्यपुराना मूल्य
9वींहिंदी6565
9वींअंग्रेजी7272
9वींविज्ञान152152
9वींगणित149149
10वींहिंदी (क्षितिज)6363
10वींअंग्रेजी (फर्स्ट फाइट)7474
10वींविज्ञान190190
10वींगणित156156
11वींहिंदी (अंतरा)7872
11वींअंग्रेजी (हॉर्नबिल)5555
11वींगणित198198
11वींबायोलॉजी200300
11वींफिजिक्स-1130130
11वींकेमिस्ट्री-1155155
12वींहिंदी (अंतरा-2)8275
12वींअंग्रेजी (कोर)5550
12वींगणित-1120120
12वींबायोलॉजी170170
12वींकेमिस्ट्री-1170170

शिक्षा बोर्ड का बयान

स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इस बार किताबों के दामों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है। केवल कुछ विषयों की किताबों के दाम पेजों की संख्या में बदलाव के कारण 1 से 5 रुपये तक बढ़ाए गए हैं

छात्रों और अभिभावकों को राहत

महंगाई के दौर में किताबों की कीमतें स्थिर रखना विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत है। सरकार और शिक्षा बोर्ड का यह निर्णय शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है