हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों में 114 डॉक्टरों की भर्ती 2 दिनों में, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 114 डॉक्टरों के रिक्त पद अगले दो दिनों में भरने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति स्पष्ट करते हुए यह जानकारी दी और विभागीय स्तर पर लिए गए निर्णयों का उल्लेख किया। भर्ती प्रक्रिया के साथ ही विभागीय व्यवस्थाओं में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
शिमला
मेडिकल कॉलेजों में भर्ती को लेकर निर्णय
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 114 पदों को भरने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया अगले दो दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा की गई, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है ताकि संस्थानों में आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा
विधानसभा सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा हुई, जिसमें मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी और कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए गए। विधायक आशीष शर्मा द्वारा यह विषय उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि विभागीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा की गई है और सुधारात्मक कदम उठाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए हैं और संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉक्टरों की तैनाती और व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में अन्य अस्पतालों से सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को वापस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भेजा जाएगा। इसके साथ ही नए पदों पर नियुक्ति के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक संख्या में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य संस्थानों में सेवाओं की उपलब्धता को संतुलित करना और विभिन्न इकाइयों के बीच कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करना है।
नए कॉलेजों की स्थिति और आगे की योजना
सरकार ने यह स्वीकार किया कि आईजीएमसी और टांडा के अलावा हाल ही में स्थापित किए गए मेडिकल कॉलेज अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों में संसाधनों और स्टाफ की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जाएंगे। साथ ही राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी रिक्त पदों को एक वर्ष के भीतर भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।