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हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र: तपोवन में तैयारियाँ जोरों पर

हिमाचलनाउ डेस्क • 2 Dec 2024 • 1 Min Read

तपोवन में शीतकालीन सत्र की तैयारियाँ
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए धर्मशाला के तपोवन में तैयारियाँ जोरों पर हैं। इस सत्र की तैयारियों के लिए सोमवार को प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में जिला और जोनल स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि तपोवन में शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से विधानसभा परिसर की निगरानी की जाएगी।

सुरक्षा के दिशा-निर्देश
सत्र के दौरान विधानसभा भवन और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासकीय पास प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे, ताकि सुरक्षाकर्मियों को फ्रिस्किंग की आवश्यकता कम से कम हो।


शीतकालीन सत्र के प्रमुख विवरण

सत्र की तिथियाँ और बैठकें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का सातवां सत्र 18 दिसंबर से 21 दिसंबर, 2024 तक आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में कुल 4 बैठकें होंगी। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद, माननीय सदस्यों से प्रश्नों से संबंधित सूचनाएँ विधानसभा सचिवालय को प्राप्त होने लगी हैं।

जिला प्रशासन की तैयारियाँ
सत्र की तैयारियों के लिए पहले भी कांगड़ा जिले के जिलाधीश की अध्यक्षता में बैठकें हो चुकी हैं। अब, सत्र के दृष्टिगत आज पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला प्रशासन के हर विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


तपोवन भवन में सुविधाएँ और व्यवस्था

मरम्मत और सफाई
तपोवन भवन में मरम्मत और साफ-सफाई का कार्य समय रहते पूरा किया जाएगा, ताकि सत्र के दौरान कोई असुविधा न हो।

सदस्यों की ठहरने की व्यवस्था
सत्र में भाग लेने आने वाले पक्ष और प्रतिपक्ष के माननीय सदस्यों की ठहरने की समुचित व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।

आपातकालीन व्यवस्था
आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस, एक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारी तपोवन परिसर में ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।


हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि सत्र सुचारू रूप से और बिना किसी रुकावट के चले