हिमाचल विधानसभा सत्र: मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन में हंगामा, विपक्ष ने किया वाकआउट

Himachal Assembly session: Ruckus in the House on the first day of monsoon session, opposition walked out

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। इस हंगामे के चलते विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया, हालांकि कुछ समय बाद वे सदन में वापस आ गए। सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया और विपक्ष के अन्य सदस्यों से भी मिले। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

पहले दिन की बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई और इसके बाद पूर्व विधायकों टेक चंद, नारायण सिंह स्वामी और दौलतराम चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने शोकोद्गार प्रस्ताव पेश करते हुए तीनों विधायकों के योगदान को याद किया।

विपक्ष ने सदन के भीतर जोरदार नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया, आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गुंडाराज और माफियाराज को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दिन-दहाड़े बलात्कार और हत्या के मामले बढ़ रहे हैं और सरकार इन पर चर्चा से बच रही है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि नालागढ़ में नशा माफिया ने एक युवक की हत्या कर दी, लेकिन पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है और बीबीएन क्षेत्र में माफियाराज व्याप्त हो गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी हत्या और बलात्कार के मामलों में वृद्धि हो रही है, जबकि सरकार भाजपा विधायकों की जासूसी और फोन टैपिंग में लगी हुई है।

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से शूटर बुलाए जा रहे हैं, और सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश में दिन-दहाड़े गोलियां चल रही हैं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं। उन्होंने नियम 67 के तहत तुरंत चर्चा की मांग की।

10 दिन चलने वाले सत्र के दौरान सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होने के आसार हैं।