शिमला। हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमूडा) में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार के निर्णय के बाद विभाग के कुल 327 पद तुरंत समाप्त कर दिए गए हैं, जबकि 83 पद भविष्य में स्वचालित रूप से खत्म हो जाएंगे। दूसरी ओर, दक्षता बढ़ाने और प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए 46 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
फील्ड स्टाफ पर सबसे बड़ा असर
इस पुनर्गठन का सबसे गहरा असर फील्ड स्टाफ पर पड़ा है। हिमूडा ने 71 बेल्डर पदों को समाप्त किया है, जिससे 63 कर्मचारी सरप्लस घोषित कर दिए गए। इनकी जगह 32 मल्टी-टास्क वर्कर के पद सृजित किए गए हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अब अन्य विभागों में समायोजित किया जाएगा।
IT और अकाउंट्स सेवाएं होंगी आउटसोर्स
हिमूडा प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए IT और अकाउंट्स संवर्ग के लिए नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अब इन सेवाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन का काम भी आउटसोर्सिंग के माध्यम से करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य विभागीय खर्च कम करना और कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।
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दर्जनों पद हुए खत्म, 89 कर्मचारी सरप्लस घोषित
पुनर्गठन के तहत पियून (44), ड्राफ्ट्समैन (14), चौकीदार (08) और सर्वेयर (08) समेत कई पद समाप्त कर दिए गए हैं। इन बदलावों से कुल 89 कर्मचारी सरप्लस घोषित हुए हैं, जिन्हें अन्य विभागों में स्थानांतरित किया जाएगा।
नई भर्तियों को मिली मंजूरी
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए एचआर, टाउन प्लानिंग और राजस्व संवर्गों में कुल 46 नए पद सृजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की योजना के तहत इन पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
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