1 अप्रैल से 900 से अधिक जरूरी दवाएं महंगी, एनपीपीए ने कीमतों में वृद्धि की अनुमति दी
Himachalnow / बद्दी
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ देश में आवश्यक दवाओं की कीमतों में वृद्धि लागू होने जा रही है। एनपीपीए के आदेश के तहत 900 से अधिक दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य में संशोधन किया जाएगा।
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एनपीपीए के आदेश के तहत कीमतों में संशोधन
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में शामिल दवाओं की कीमतों में वृद्धि की अनुमति दी गई है। यह संशोधन थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर किया गया है, जिसके तहत अधिकतम खुदरा मूल्य में 0.64956 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू होगी। यह निर्णय 1 अप्रैल से प्रभावी होगा।
कई श्रेणियों की दवाएं होंगी प्रभावित
इस संशोधन के अंतर्गत बुखार, दर्द, संक्रमण, एनीमिया और पोषण संबंधी आवश्यकताओं में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। इनमें पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स सहित कई सामान्य और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। यह बदलाव राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची में शामिल उत्पादों पर लागू होगा।
निर्माताओं को कीमत संशोधन की अनुमति
ड्रग्स (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के प्रावधानों के अनुसार दवा निर्माता इस अनुमत सीमा के भीतर कीमतों में संशोधन कर सकते हैं। इसके लिए अलग से पूर्व स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे कंपनियां निर्धारित सीमा के भीतर एमआरपी अपडेट कर सकेंगी।
कच्चे माल और लागत में वृद्धि का प्रभाव
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार दवा निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की लागत में वृद्धि दर्ज की गई है। एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रेडिएंट्स, सॉल्वेंट्स और अन्य इनपुट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत प्रभावित हुई है। इसी के आधार पर सीमित स्तर पर मूल्य संशोधन की अनुमति दी गई है।