18 मार्च तक बन सकती हैं नई पंचायतें, चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश
22 मार्च तक जारी हो सकता है पंचायत चुनाव रोस्टर, 600 प्रस्ताव अभी लंबित
शिमला, हिमाचल नाऊ न्यूज
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया अभी जारी है। सरकार के पास फिलहाल करीब 600 नई पंचायतों के प्रस्ताव लंबित हैं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में पंचायतों का गठन होने की संभावना कम है, लेकिन 18 मार्च तक नई पंचायतों को मंजूरी देने का सिलसिला जारी रह सकता है।
पंचायती राज विभाग के सचिव C. Palarasu ने बुधवार को सभी जिलाधीशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पंचायत चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधीशों को चुनाव प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही सभी जिलों से चुनावी तैयारियों को लेकर फीडबैक भी लिया गया।माना जा रहा है कि पंचायती राज विभाग 22 मार्च तक पंचायत चुनावों का रोस्टर जारी कर सकता है। इस रोस्टर के माध्यम से यह स्पष्ट होगा कि इस बार कौन-सी पंचायतें आरक्षित रहेंगी और कौन-सी सामान्य श्रेणी में होंगी।
सरकार ने वर्ष 2010 के चुनाव को आधार मानते हुए यह भी तय किया है कि जो पंचायतें लगातार दो बार आरक्षित रही हैं, उन्हें इस बार सामान्य श्रेणी में रखा जाएगा।प्रदेश में पंचायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पहले राज्य में कुल 3577 पंचायतें थीं। इसके बाद सरकार ने 93 नई पंचायतों के प्रस्ताव पारित किए, फिर 41 पंचायतों को मंजूरी दी गई और हाल ही में 61 नई पंचायतों के गठन को स्वीकृति मिली है। इन प्रस्तावों के बाद प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3700 से अधिक हो गई है।
हालांकि पंचायती राज विभाग ने नई पंचायतों को लेकर अभी आपत्तियां और सुझाव भी मांगे हैं। इन पर विचार करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद पंचायतों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
पंचायती राज सचिव सी. पालरासू ने कहा कि सरकार 18 मार्च तक नई पंचायतों के गठन पर निर्णय ले सकती है। इसके बाद आपत्तियां और सुझाव लेने के लिए तीन दिन का समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 22 मार्च तक चुनावी रोस्टर जारी करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उधर, इस पूरे मामले पर राज्य चुनाव आयोग से भी चर्चा हो चुकी है। अंतिम रूप से यह निर्णय आयोग करेगा कि नई बनी पंचायतों में इस बार चुनाव होंगे या नहीं, क्योंकि मामला पहले से अदालत में विचाराधीन है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।विभाग का कहना है कि 31 मार्च तक सभी आपत्तियों का निपटारा कर मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी, ताकि पंचायत चुनावों की औपचारिक प्रक्रिया समय पर आगे बढ़