ड्रोन तकनीक से भूमि और भवन रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण की नई पहल
सोलन शहर में ‘नक्शा’ (नेशनल जीयोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबिटेशन) कार्यक्रम का पायलट आधार पर शुभारंभ किया गया। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा और अतिरिक्त महासर्वेक्षक (उत्तर क्षेत्र) महेश चंद गौड़ ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस कार्यक्रम के तहत ड्रोन तकनीक के माध्यम से शहरी क्षेत्र की भूमि और भवनों का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भू-स्वामियों को अपनी संपत्तियों की सही जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
भूस्वामियों को मिलेगा सटीक भूमि और भवन रिकॉर्ड
उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि ‘नक्शा’ कार्यक्रम के पूरा होने से शहरी क्षेत्रों में भूमि का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे भूमि स्वामियों को उनकी संपत्तियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शहरी विकास योजनाओं जैसे जल निकासी, मल निकासी और भवन निर्माण कार्यों को सुगम बनाने में सहायक होगा। इस आधुनिक सर्वेक्षण से भविष्य में शहरी नियोजन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगा।
150 शहरों में हो रही ‘नक्शा’ परियोजना की शुरुआत
अतिरिक्त महासर्वेक्षक महेश चंद गौड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम आज से देश के 150 शहरों में पायलट आधार पर शुरू किया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया इस परियोजना को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूरा करेगा, और सोलन नगर निगम क्षेत्र की संपूर्ण मैपिंग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस सर्वे को पूरा करने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा और यह परियोजना शहरी निकायों के भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने की दिशा में एक नई पहल है।
भवन निर्माण और राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी में आएगी पारदर्शिता
‘नक्शा’ कार्यक्रम से न केवल भूस्वामियों को भवन निर्माण में आसानी होगी, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इस पहल से नगर निकायों को भूमि प्रबंधन के आधुनिकीकरण में सहायता मिलेगी और भविष्य में भूमि विवादों को कम किया जा सकेगा।
अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी और प्रस्तुतिकरण
कार्यक्रम के दौरान सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने इस परियोजना के उद्देश्यों और लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से यह भी बताया कि कैसे ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भूमि सर्वेक्षण को प्रभावी और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा, नगर निगम आयुक्त एकता काप्टा, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन, संयुक्त आयुक्त बिमला, सहायक आयुक्त नीरजा शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा, नगर निगम के पार्षदगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










