Month: February 2025

  • सोलन में ‘नक्शा’ कार्यक्रम का पायलट आधार पर शुभारंभ

    सोलन में ‘नक्शा’ कार्यक्रम का पायलट आधार पर शुभारंभ

    ड्रोन तकनीक से भूमि और भवन रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण की नई पहल

    सोलन शहर में ‘नक्शा’ (नेशनल जीयोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबिटेशन) कार्यक्रम का पायलट आधार पर शुभारंभ किया गया। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा और अतिरिक्त महासर्वेक्षक (उत्तर क्षेत्र) महेश चंद गौड़ ने संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम की शुरुआत की।

    इस कार्यक्रम के तहत ड्रोन तकनीक के माध्यम से शहरी क्षेत्र की भूमि और भवनों का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भू-स्वामियों को अपनी संपत्तियों की सही जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

    भूस्वामियों को मिलेगा सटीक भूमि और भवन रिकॉर्ड

    उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बताया कि ‘नक्शा’ कार्यक्रम के पूरा होने से शहरी क्षेत्रों में भूमि का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे भूमि स्वामियों को उनकी संपत्तियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी।

    उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शहरी विकास योजनाओं जैसे जल निकासी, मल निकासी और भवन निर्माण कार्यों को सुगम बनाने में सहायक होगा। इस आधुनिक सर्वेक्षण से भविष्य में शहरी नियोजन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होगा।

    150 शहरों में हो रही ‘नक्शा’ परियोजना की शुरुआत

    अतिरिक्त महासर्वेक्षक महेश चंद गौड़ ने बताया कि यह कार्यक्रम आज से देश के 150 शहरों में पायलट आधार पर शुरू किया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया इस परियोजना को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूरा करेगा, और सोलन नगर निगम क्षेत्र की संपूर्ण मैपिंग की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि इस सर्वे को पूरा करने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा और यह परियोजना शहरी निकायों के भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने की दिशा में एक नई पहल है।

    भवन निर्माण और राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी में आएगी पारदर्शिता

    ‘नक्शा’ कार्यक्रम से न केवल भूस्वामियों को भवन निर्माण में आसानी होगी, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इस पहल से नगर निकायों को भूमि प्रबंधन के आधुनिकीकरण में सहायता मिलेगी और भविष्य में भूमि विवादों को कम किया जा सकेगा।

    अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी और प्रस्तुतिकरण

    कार्यक्रम के दौरान सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने इस परियोजना के उद्देश्यों और लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से यह भी बताया कि कैसे ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से भूमि सर्वेक्षण को प्रभावी और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।

    इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा, नगर निगम आयुक्त एकता काप्टा, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन, संयुक्त आयुक्त बिमला, सहायक आयुक्त नीरजा शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी सुमेध शर्मा, नगर निगम के पार्षदगण और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • SHUT DOWN / 19 फरवरी को इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित

    SHUT DOWN / 19 फरवरी को इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित

    ट्रांसफार्मर की स्थापना के चलते सुबह 11:00 से शाम 3:30 तक कटौती

    धर्मशाला, 18 फरवरी – विद्युत उपमंडल नंबर-II के सहायक अभियंता रमेश चंद ने जानकारी दी है कि 19 फरवरी को ट्रांसफार्मर की स्थापना के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

    उन्होंने बताया कि दाड़ी, आईटीआई, लोअर बड़ोल, अपर बड़ोल, हब्बर, रेनबो, भटेड़, पासू, मनेड़, कनेड़, सुक्कड़ और स्टेडियम रोड के उपभोक्ताओं को सुबह 11:00 बजे से शाम 3:30 बजे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा।

    मौसम खराब होने पर अगले दिन होगा कार्य

    अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि मौसम खराब रहता है, तो यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे इस अस्थायी असुविधा के लिए सहयोग करें और आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से कर लें।

  • उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने किया पीएम श्री राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय मैहला का निरीक्षण

    उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने किया पीएम श्री राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय मैहला का निरीक्षण

    विद्यार्थियों से संवाद कर समस्याओं को जाना, विद्यालय व्यवस्थाओं की जांच

    चंबा, 18 फरवरी – उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज पीएम श्री राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय मैहला का दौरा किया और विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और उनकी शैक्षणिक प्रगति का मूल्यांकन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के प्री-प्राइमरी और प्राइमरी के छात्रों से विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे और उनकी नोटबुक की जांच की।

    विद्यालय गतिविधियों का अवलोकन, विद्यार्थियों के प्रदर्शन को सराहा

    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न गतिविधियों को देखा और उनके प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और विद्यालय में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की।

    पुराने भवन की स्थिति का निरीक्षण, सुधार के निर्देश दिए

    उपायुक्त ने विद्यालय के एक पुराने और जर्जर हो चुके भवन का भी मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस भवन की स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक कदम जल्द से जल्द उठाए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    दोपहर के भोजन की गुणवत्ता जांची, राशन व्यवस्था का निरीक्षण

    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जाने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता को भी परखा। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भोजन सामग्री और इस्तेमाल किए जा रहे राशन की जांच की कि विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    हर मंगलवार को जिले के विशेष स्कूलों का दौरा करते हैं उपायुक्त

    गौरतलब है कि उपायुक्त मुकेश रेपसवाल प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार को उन विद्यालयों का दौरा करते हैं, जहां स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।

    विद्यालय की वर्तमान स्थिति और छात्र संख्या

    उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा बलवीर सिंह ने उपायुक्त को विद्यालय के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पीएम श्री राजकीय केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय मैहला में 117 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 89 विद्यार्थी प्राथमिक कक्षाओं में और 28 विद्यार्थी प्री-प्राइमरी में अध्ययनरत हैं।

    इस अवसर पर ओएसडी उमाकांत आनंद, जिला विज्ञान पर्यवेक्षक गौरव वैध और विद्यालय के अन्य अध्यापकगण उपस्थित रहे।

  • बढ़ते नशे के खिलाफ एकजुट हों, राजनीति से ऊपर उठकर करें सहयोग : प्रतिभा सिंह

    बढ़ते नशे के खिलाफ एकजुट हों, राजनीति से ऊपर उठकर करें सहयोग : प्रतिभा सिंह

    युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जन जागरूकता अभियान जरूरी

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे, खासकर चिट्टा और चरस के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया कि वे इस गंभीर समस्या पर राजनीति करने के बजाय समाज और युवाओं की भलाई के लिए सरकार का सहयोग करें।

    उन्होंने विशेष रूप से भाजपा से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय, प्रदेश सरकार और समाज के साथ मिलकर नशे के खात्मे में योगदान दे।

    प्रदेश सरकार और पुलिस सक्रिय, नशे के तस्करों पर हो रही कार्रवाई

    प्रतिभा सिंह ने अपने प्रेस बयान में स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में नशे के खिलाफ पूरी मजबूती से कार्रवाई कर रही है। पुलिस प्रशासन भी सक्रिय रूप से नशे के तस्करों और इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की धरपकड़ कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। नशे के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए युवाओं, महिला मंडलों, सामाजिक संस्थाओं, खेल संघों और अभिभावकों को एकसाथ आना होगा।

    नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान की आवश्यकता

    प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश के कुछ पंचायतों में लोग पहले ही नशे के खिलाफ अभियान छेड़ चुके हैं, जो एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने इस तरह के प्रयासों को प्रदेशव्यापी बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना जरूरी है। उन्हें खेल, योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना होगा, ताकि वे नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।

    नशे की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी की जरूरत

    प्रतिभा सिंह ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि प्रदेश में नशा आखिर आ कहां से रहा है और इसे कौन बेच रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश की सभी सीमाओं पर सख्त तलाशी अभियान चलाने के साथ-साथ गुप्त सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए।

    उन्होंने कहा कि नशे के कारण कई युवाओं की जान जा चुकी है, जो बेहद चिंताजनक है। यह एक सामाजिक आपदा का रूप ले चुका है और इसे रोकने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी।

    युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए

    युवाओं से अपील करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें नशे से दूर रहकर अपने शारीरिक और मानसिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। खेलकूद और योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल कर वे अपने भविष्य और परिवार के भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का नुकसान करता है। इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है और हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

  • नारायणगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में युद्ध अभ्यास से संबंधित आपत्तियां 13 मार्च तक दर्ज करें

    नारायणगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में युद्ध अभ्यास से संबंधित आपत्तियां 13 मार्च तक दर्ज करें

    खुले में गोला चलाने और तोप दागने की गतिविधियों पर दर्ज की जा सकती है आपत्ति

    नारायणगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में युद्ध अभ्यास और सैन्य गतिविधियों के तहत खुले में गोला चलाने और तोप दागने की प्रक्रिया नियमित रूप से आयोजित की जाती है। यदि किसी व्यक्ति को इन गतिविधियों से कोई आपत्ति हो, तो वे 13 मार्च 2025 तक उपायुक्त कार्यालय, नाहन में अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं।

    कौन से क्षेत्र प्रभावित होंगे?

    सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला सिरमौर की तहसील नाहन के 14 गांव और तहसील पच्छाद के 8 गांव की भूमि पहले से ही इस प्रक्रिया के लिए अधिसूचित की जाती रही है।

    प्रभावित गांवों के निवासियों को अवसर, 13 मार्च तक दर्ज करें अपनी आपत्तियां

    इन सैन्य गतिविधियों को जारी रखने और उनकी अवधि को 25 सितंबर 2029 तक बढ़ाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के पास विचाराधीन है। यदि कोई व्यक्ति इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाना चाहता है, तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर उपायुक्त कार्यालय में आवेदन करना होगा।

  • नगर निगम सोलन ने खुले में कचरा फेंकने वालों पर कसा शिकंजा

    नगर निगम सोलन ने खुले में कचरा फेंकने वालों पर कसा शिकंजा

    स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के लिए कड़े नियम लागू, जुर्माने और सामुदायिक सेवा का प्रावधान

    सोलन नगर निगम ने शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। निगम ने उन स्थानों की पहचान करना शुरू कर दिया है, जहां चेतावनी के बावजूद लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं। नगर निगम आयुक्त एकता कपटा ने बताया कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें लोग सार्वजनिक स्थलों पर कचरा डाल रहे हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए निगम ने खुले में कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।

    कैमरों से होगी निगरानी, दोबारा गलती पर सफाई करवाएगा नगर निगम

    नगर निगम अब स्वच्छता नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए शहर के हॉटस्पॉट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रहा है। कुछ स्थानों पर पहले ही कैमरे लगाए जा चुके हैं। अगर कोई व्यक्ति पहली बार कूड़ा फेंकते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे जुर्माना देना होगा। लेकिन यदि वही व्यक्ति दोबारा ऐसा करता है, तो नगर निगम के नियमों के तहत उसे सामुदायिक सेवा के रूप में सफाई कार्य में लगाया जाएगा। यह सेवा एक हफ्ते तक जारी रह सकती है।

    नगर निगम आयुक्त ने शहरवासियों से अपील की कि वे इस स्थिति तक न पहुंचें और स्वयं जिम्मेदारी लेकर खुले में कचरा फेंकने से बचें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए।

    पंचायत क्षेत्रों से आने वाले कचरे पर भी होगी कार्रवाई

    एकता कपटा ने यह भी बताया कि कुछ पंचायत क्षेत्रों के लोग नगर निगम के क्षेत्र में आकर कचरा फेंक रहे हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नगर निगम अब इस पर भी कड़ी नजर रखेगा और यदि ऐसा पाया जाता है, तो पंचायत क्षेत्र से आने वालों पर भी निगम के कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर अपनी नीति को और सख्त बनाने का निर्णय लिया है, जिससे शहर को साफ-सुथरा रखा जा सके। अब समय आ गया है कि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझे और कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन करे, ताकि सोलन को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाया जा सके।

  • अमेरिका जाने के सपने की भयावह सच्चाई : टॉर्चर, ठगी और डिपोर्टेशन की दर्दनाक कहानी

    अमेरिका जाने के सपने की भयावह सच्चाई : टॉर्चर, ठगी और डिपोर्टेशन की दर्दनाक कहानी

    ‘डंकी रूट’ के जाल में फंसा हिमाचल का युवक, 45 लाख गंवाने के बाद पहुंचा घर

    अमेरिका में बेहतर जीवन और सुनहरे भविष्य की चाहत ने हिमाचल प्रदेश के गुमटी गांव के 19 वर्षीय युवक रितेश और उसके परिवार को एक ऐसे दर्दनाक सफर में धकेल दिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाने के नाम पर एजेंटों ने उसके परिवार से 45 लाख रुपये ठग लिए। पैसे देने के बावजूद, रितेश को पहले कई देशों में घुमाया गया, प्रताड़ित किया गया और अंत में अमेरिका पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लेकर वापस भारत डिपोर्ट कर दिया गया।

    रविवार को अमेरिकी सैन्य विमान 112 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर के गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। इनमें से एक रितेश भी था, जिसे एजेंटों ने ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका भेजा था। परिजनों ने जैसे ही उसे घर वापस सुरक्षित पाया, राहत की सांस ली। हालांकि, यह राहत उस आर्थिक और मानसिक आघात के आगे छोटी थी, जिससे उनका परिवार गुजरा।

    ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका पहुंचाने का खतरनाक खेल

    ‘डंकी रूट’ मानव तस्करों द्वारा चलाया जाने वाला एक अवैध प्रवास मार्ग है, जिसके जरिए भारत, खासकर पंजाब, हरियाणा और गुजरात के युवाओं को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजा जाता है। इस यात्रा में अप्रवासी कई देशों से होकर अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुंचते हैं। रास्ते में वे जंगलों, रेगिस्तानों और दुर्गम इलाकों से गुजरते हैं, जहां कई बार भूखा-प्यासा रखा जाता है, बंधक बनाकर पैसे ऐंठे जाते हैं और शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी जाती हैं।

    रितेश के मामले में भी यही हुआ। एजेंट ने उसे मुंबई में एक दवा कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाया और फिर अलग-अलग देशों में घुमाने के बाद अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर के रास्ते उसे अमेरिका पहुंचाया। वहां पहुंचते ही अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने उसे पकड़ लिया और हिरासत में डाल दिया।

    परिवार पर टूटा आर्थिक संकट, 45 लाख रुपये गंवा दिए

    रितेश के पिता शमशेर सिंह, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, ने बताया कि उनके बेटे को अमेरिका पहुंचाने के नाम पर एजेंट ने 45 लाख रुपये ठग लिए। यह पूरी रकम नकद में दी गई, जो उन्होंने नारायणगढ़ में एजेंट द्वारा बताई गई जगह पर सौंपी। यह पैसे उन्होंने धीरे-धीरे किस्तों में दिए, क्योंकि हर बार एजेंट नया बहाना बनाकर पैसे मांगता रहा।

    परिवार को जब तक यह समझ आया कि वे एक जाल में फंस चुके हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रितेश को एक के बाद एक अलग-अलग देशों में ले जाया गया, वहां उसे यातनाएं दी गईं और भूखा भी रखा गया। 25 जनवरी को वह अमेरिका में दाखिल हुआ, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। कई दिनों की पूछताछ और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उसे डिपोर्ट कर दिया गया।

    एजेंट के खिलाफ होगी कार्रवाई, पुलिस में दर्ज कराएंगे शिकायत

    रितेश के परिवार ने अब ठग एजेंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। पिता शमशेर सिंह ने कहा कि वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे ताकि अन्य परिवारों के बच्चे इस धोखाधड़ी के शिकार न हों।

    अवैध प्रवास का यह खेल हजारों भारतीय युवाओं को प्रभावित कर रहा है। बेरोजगारी और बेहतर जीवन की चाहत में कई परिवार अपने जीवनभर की कमाई एजेंटों को सौंप देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें दर्दनाक अनुभव और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।

    ‘डंकी रूट’ से अमेरिका पहुंचने के खतरों से रहें सतर्क

    मानव तस्करी और अवैध प्रवासन का यह नेटवर्क लगातार फल-फूल रहा है, क्योंकि एजेंट युवा भारतीयों को झूठे सपने दिखाकर उन्हें इस खतरनाक रास्ते पर धकेल देते हैं। भारत और अमेरिका की सरकारें इस प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं, और कई एजेंटों को गिरफ्तार भी किया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध तरीके से विदेश जाने की बजाय कानूनी प्रक्रिया अपनाकर सुरक्षित भविष्य बनाने की कोशिश करनी चाहिए। ‘डंकी रूट’ न सिर्फ अवैध है, बल्कि यह जिंदगी को खतरे में डालने वाला रास्ता भी है, जिसमें कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं।

  • हिमाचल के राशनकार्ड धारकों को अगले महीने से डिपो में मिलेगा रिफाइंड तेल

    हिमाचल के राशनकार्ड धारकों को अगले महीने से डिपो में मिलेगा रिफाइंड तेल

    खाद्य आपूर्ति निगम ने शुरू की प्रक्रिया, 20 मार्च के बाद मिलेगा तेल

    हिमाचल प्रदेश के राशनकार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें डिपो में सरसों तेल के साथ रिफाइंड तेल भी उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनियों को 28 फरवरी तक अपने सैंपल जमा कराने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद एक सप्ताह के भीतर इनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

    जिन कंपनियों के सैंपल मानकों पर खरे उतरेंगे, उनकी टेक्निकल बिड 11 मार्च को खोली जाएगी। खाद्य आपूर्ति निगम का दावा है कि 20 मार्च के बाद राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपो में रिफाइंड तेल मिलना शुरू हो जाएगा।

    डिपो में अब मिलेगा दो लीटर तेल

    इस योजना के तहत अब उपभोक्ताओं को एक लीटर सरसों तेल और एक लीटर रिफाइंड तेल प्रदान किया जाएगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने डिपो होल्डर्स को अगले तीन महीने का सरसों तेल का कोटा एक साथ देने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं, ताकि सप्लाई की किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

    अब तक उपभोक्ताओं को केवल एक महीने के लिए तेल का कोटा दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें लंबी अवधि के लिए तेल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

    सरकार की सब्सिडी योजनाओं का विस्तार

    हिमाचल प्रदेश में करीब साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं, जो सरकार की सब्सिडी योजना के तहत खाद्य आपूर्ति का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार इन उपभोक्ताओं को दो लीटर तेल, तीन किलो दाल (मलका माश और दाल चना), चीनी और नमक रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही है। वहीं, आटा और चावल केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    टेंडर प्रक्रिया और तेल की गुणवत्ता जांच

    खाद्य आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक अरविंद शर्मा के अनुसार, रिफाइंड तेल के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। कंपनियों को 28 फरवरी तक अपने सैंपल जमा कराने होंगे। एक सप्ताह में इन सैंपलों की जांच पूरी कर ली जाएगी और जिन कंपनियों के उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरेंगे, उनकी टेक्निकल बिड 11 मार्च को खोली जाएगी।

    इसके बाद अंतिम चरण में योग्य कंपनियों का चयन कर 20 मार्च के बाद डिपो में तेल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

  • सुनियोजित विकास को लेकर नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय ऊना ने आयोजित किया जागरूकता शिविर

    सुनियोजित विकास को लेकर नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय ऊना ने आयोजित किया जागरूकता शिविर

    शहर और गांवों में संतुलित विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को किया जागरूक

    ऊना शहर के समग्र और सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय, ऊना द्वारा नगर परिषद सभागार में सोमवार को एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पंचायत प्रधानों, उप-प्रधानों, सचिवों और वार्ड सदस्यों ने भाग लिया।

    इस दौरान सहायक नगर योजनाकार ऊना, पंकज शर्मा ने हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 और ऊना योजना/विशेष क्षेत्र में लागू नियमों और मानकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को सुनियोजित विकास के महत्व के बारे में जागरूक करें, ताकि शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जा सके।

    ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष छूट और नियमों की जानकारी

    पंकज शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए अधिनियम द्वारा प्रदान की गई छूटों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊना योजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में यदि कोई व्यक्ति भूमि खरीदकर निर्माण कार्य करना चाहता है, तो उसे नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।

    उन्होंने अधिनियम की धारा 16 (सी) का हवाला देते हुए बताया कि किसी भी भूमि की बिक्री से पहले प्लॉट का अनुमोदन विभाग से करवाना अनिवार्य है। साथ ही, खरीदारों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई कि वे केवल विभाग द्वारा अनुमोदित और उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदें, जिससे उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और वे सुनियोजित घरों का निर्माण कर सकें।

    रेरा के प्रावधानों पर विशेष जानकारी

    इस शिविर में भू-संपदा विनियमन और विकास अधिनियम प्राधिकरण (रेरा) के तहत पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में भी चर्चा की गई। पंकज शर्मा ने बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट विकसित करता है या 8 से अधिक अपार्टमेंट का निर्माण करता है, तो उसे रेरा के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को 2500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या अपार्टमेंट का निर्माण करना है, तो उस क्षेत्र को “डीम्ड योजना क्षेत्र” माना जाएगा। ऐसे मामलों में भी नगर एवं ग्राम योजना विभाग की स्वीकृति लेना और रेरा के तहत पंजीकरण कराना जरूरी होगा।

    अवैध निर्माण से बचाव और कानूनी जटिलताओं की जानकारी

    शिविर में अवैध निर्माण से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पंकज शर्मा ने बताया कि अवैध निर्माण के कारण भविष्य में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनमें विधिक अड़चनें, सरकारी कार्रवाइयां और संपत्ति के उपयोग से जुड़ी कठिनाइयां शामिल हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि सभी निर्माण कार्यों के लिए पहले विभाग से स्वीकृति प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी बाधा से बचा जा सके।

    शिविर में शामिल गणमान्य व्यक्ति

    इस जागरूकता शिविर में नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय से शिव कुमार, दर्शन कुमार और अशोक कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना की और अपने क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।

  • फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाली महिला गिरफ्तार, पुलिस जांच में बड़े खुलासे संभव

    फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वाली महिला गिरफ्तार, पुलिस जांच में बड़े खुलासे संभव

    ठगी के बाद बदल रही थी ठिकाने , पुलिस ने पांवटा साहिब से पकड़ा

    औद्योगिक क्षेत्र ऊना में असिस्टेंट ऑफिसर बनकर लोगों को ठगने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह महिला लगातार ठिकाने बदल रही थी और कभी चंडीगढ़ तो कभी पांवटा साहिब में रह रही थी। पुलिस को पुख्ता सूचना मिलने के बाद टीम ने सिरमौर के पांवटा साहिब में दबिश देकर आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। अदालत में पेशी के बाद उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

    शहतूत परियोजना और सरकारी नौकरी का झांसा देकर की लाखों की ठगी

    पुलिस के अनुसार, ऊना जिले के कुरियाला गांव निवासी मोनिका देवी ने अप्रैल 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 मार्च 2024 को वह अपने बेटे के साथ दोस्त संजीव के घर ऊना के चंद्रलोक कॉलोनी में गई थीं। वहां उनकी मुलाकात वंदना धीमान नाम की महिला से हुई। आरोपी महिला ने खुद को ऊना औद्योगिक क्षेत्र में असिस्टेंट ऑफिसर बताया और सेरीकल्चर विभाग में अतिरिक्त कार्यभार संभालने का दावा किया।

    आरोपी महिला ने अपनी पहचान पुख्ता करने के लिए एक फर्जी आईडी कार्ड दिखाया और लोगों को बताया कि उसने सरकारी योजना के तहत कई लोगों की जमीन लीज पर लेकर वहां शहतूत के पौधे लगवाए हैं। उसने यह भी कहा कि इस योजना से जुड़ने वाले लोगों को तीन साल तक हर महीने 35,000 रुपये की आय होगी। इसके अलावा, उसने शिकायतकर्ता को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया।

    99,000 रुपये लेकर फरार हुई महिला, पति पर भी संदेह

    आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता से शहतूत परियोजना में निवेश के नाम पर जमीन का एग्रीमेंट किया और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 75,000 रुपये ऐंठ लिए। इसके अलावा, 14,000 रुपये का लोन दिलाने का वादा कर और पैसे ले लिए। इस तरह, कुल 99,000 रुपये की ठगी की गई।

    शिकायतकर्ता ने जब काफी इंतजार करने के बाद अपने स्तर पर मामले की जांच की, तो पता चला कि आरोपी ने न तो शहतूत के पौधे दिए और न ही सरकारी नौकरी से संबंधित कोई पत्र भेजा। इसके अलावा, अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी करने की बात सामने आई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस धोखाधड़ी में आरोपी महिला का पति भी शामिल हो सकता है।

    पुलिस जांच में और बड़े खुलासों की संभावना

    इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं और आगे की जांच जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूछताछ में और भी ठगी के मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला के पति और अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं।