31 जनवरी तक करवाएं आलू फसल का बीमा , प्राकृतिक नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
Himachalnow / चंबा
500 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम, नुकसान की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति बीघा तक का लाभ
चंबा: जिला चंबा के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि भरमौर, पांगी, सलूणी, तीसा, और चंबा ब्लॉक के किसान 31 जनवरी 2025 तक अपनी आलू फसल का बीमा करवा सकते हैं। यह बीमा प्राकृतिक कारणों से फसल को होने वाले नुकसान के लिए सुरक्षा प्रदान करेगा और इसे एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
आसान पंजीकरण प्रक्रिया:
किसान नजदीकी लोक मित्र केंद्र, बैंक, जन सेवा केंद्र, या pmfbi.gov.in पोर्टल के माध्यम से आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज हैं:
- एक फोटो
- पहचान पत्र
- बैंक पासबुक
- खेत की जमाबंदी
ऋणी किसानों का बीमा उनकी सहमति के बाद संबंधित बैंक द्वारा किया जाएगा।
प्रमुख लाभ:
- किसान को 500 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम देना होगा।
- प्राकृतिक नुकसान की स्थिति में अधिकतम 10,000 रुपये प्रति बीघा की भरपाई की जाएगी।
गेहूं और जौ फसलों के लिए समय सीमा बढ़ाई गई:
डॉ. भूपिंदर सिंह ने बताया कि रबी मौसम के तहत गेहूं और जौ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 15 दिसंबर थी, जिसे अब ऋणी किसानों के लिए 15 जनवरी 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इस कार्य के लिए कश्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी अधिकृत है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
- एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी: जिला प्रतिनिधि भुवनेश कुमार (मोबाइल: 98166-27278)
- कश्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी: प्रतिनिधि मदन कुमार (मोबाइल: 82194-38857)
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपनी फसल को सुरक्षित करें और किसी भी प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए तैयार रहें।