31 मार्च तक पूरी करनी होगी चुनाव प्रक्रिया, हाईकोर्ट के आदेश को सरकार ने दी थी चुनौती
हिमाचल नाऊ न्यूज़ – नई दिल्ली
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट और समयबद्ध आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को 31 मई से पहले चुनाव संपन्न करवाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी की जाए, ताकि निर्धारित समय के भीतर मतदान कराया जा सके।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
यह मामला याचिकाकर्ता डिक्कन कुमार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनावों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट समयसीमा देते हुए निर्देशित किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।इससे पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक प्रदेश में पंचायती राज चुनाव करवाने का आदेश दिया था।
हालांकि, राज्य की कांग्रेस सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर की थी।
राज्य सरकार की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए 31 मई तक चुनाव करवाने की समयसीमा तय कर दी, जबकि प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी करने को कहा।
अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने बताया कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ हैं और इनका समय पर गठन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को निर्धारित अवधि में अधिसूचना, आरक्षण निर्धारण और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज होने की संभावना है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





