बरसात से पहले बड़ा खतरा! रक्कड़-बंगाणा 33 केवी लाइन के पोल कोटला कलां में गिरने की कगार पर, स्थानीय लोगों में दहशत
रक्कड़ से बंगाणा जाने वाली 33 केवी विद्युत लाइन के पोलों की जर्जर और खतरनाक स्थिति को लेकर कोटला कलां क्षेत्र के लोगों में भारी चिंता और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान पोलों के नीचे की जमीन खिसकने और कटाव की समस्या के बारे में कई बार बिजली विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन विभाग ने केवल औपचारिक कार्रवाई करते हुए छोटा सा डंगा लगाकर मामले को नजरअंदाज कर दिया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
रक्कड़ से बंगाणा जाने वाली 33 केवी विद्युत लाइन के पोल इन दिनों गंभीर खतरे की स्थिति में पहुंच चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के दौरान पोलों के नीचे की जमीन खिसकने और कटाव की समस्या को लेकर बिजली विभाग को कई बार अवगत करवाया गया था, लेकिन विभाग ने केवल औपचारिकता निभाते हुए करीब पांच फीट का छोटा डंगा लगाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।ग्रामीणों का कहना है कि पोलों को सुरक्षित रखने के लिए कम से कम 20 से 25 फीट लंबी और मजबूत सुरक्षा दीवार (डंगा) की आवश्यकता थी, लेकिन विभाग द्वारा किए गए अधूरे कार्य के कारण आज भी पोल गिरने की कगार पर खड़े हैं। बरसात का मौसम शुरू होते ही क्षेत्रवासियों की चिंता और बढ़ गई है।
जब इस संबंध में स्थानीय जूनियर इंजीनियर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और विभाग जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करेगा। हालांकि अभी तक मौके पर कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।चिंता की बात यह है कि जिस स्थान पर पोल खतरे की स्थिति में हैं, उसके आसपास आबादी बसी हुई है। वहीं पोलों के नीचे से कृष्णा नगर कॉलोनी और बासी क्षेत्र को जोड़ने वाला रास्ता भी गुजरता है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लगातार दो-तीन दिन भारी बारिश हुई तो मिट्टी का कटाव बढ़ सकता है और पोल गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी पवन कुमार, कुशल राणा, हिमांशु, भारत भूषण, रतन शर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि 33 केवी लाइन के पोल किसी भी समय धराशायी हो सकते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बिजली विभाग और प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाए और पोलों को सुरक्षित किया जाए।स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाए, ताकि बरसात के मौसम में क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।