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Mahakumbh 2025 / महाकुंभ में जाने से पहले जानें ये 7 महत्वपूर्ण कार्य, दोगुना पुण्य पाएंगे

हिमाचलनाउ डेस्क | 22 जनवरी 2025 at 12:04 am

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महाकुंभ का आयोजन एक ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर है, जिसे लाखों श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से मानते हैं। प्रयागराज में हो रहे इस महाकुंभ में अब तक 8 करोड़ से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं। अगर आप भी इस महाकुंभ में भाग लेने जा रहे हैं, तो कुछ खास कार्यों को जानकर पुण्य कमा सकते हैं। आइए जानते हैं महाकुंभ में जाने से पहले कौन से 7 कार्य बेहद महत्वपूर्ण हैं:


1. प्रभु और गंगा की भक्ति में लीन रहें

महाकुंभ के समय तीर्थयात्रियों को सिर्फ प्रभु और मां गंगा की भक्ति में लीन रहना चाहिए। यह समय सांसारिक विचारों से ऊपर उठने का है, इसलिए घर-परिवार और अन्य चिंताओं को मन में न लाएं। इस समय एकाग्र मन से ध्यान, भक्ति और पूजा करने पर आपको गहरा मानसिक शांति और पुण्य प्राप्त होगा।


2. धार्मिक कर्मों का पालन करें

महाकुंभ में पूजा-पाठ, जप, तप, दान, ध्यान, उपवास और पूजा के विशिष्ट नियम होते हैं। अपनी इच्छानुसार किसी भी कार्य को करने से बचें, क्योंकि धार्मिक क्रियाएं विशेष विधि और निर्देशों के अनुसार करनी चाहिए। यदि आपको कोई संकोच हो या शंका हो, तो वहां के पंडितों, साधु-संतों से मार्गदर्शन लें ताकि आप सही कर्म कर सकें।

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3. पिंडदान करते समय सावधानी रखें

महाकुंभ में पिंडदान का महत्व भी है, खासकर यदि आप अपने पितरों के लिए यह कार्य कराना चाहते हैं। ध्यान रखें कि इस संस्कार को सिर मुंडवाए बिना नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह धार्मिक नियमों के अनुसार आवश्यक है। पिंडदान करने से पितृ दोष दूर होता है और परिवार को सुख-शांति मिलती है।


4. ब्रह्ममुहूर्त में उठकर पूजा करें

महाकुंभ में बिताए जाने वाले हर एक दिन का महत्व होता है। कोशिश करें कि ब्रह्ममुहूर्त में उठकर मां गंगा और तीर्थराज का नमन करें। यह समय विशेष रूप से मंत्रोच्चारण और ध्यान के लिए उपयुक्त होता है। इसके साथ ही, शाम को भी गंगा के तट पर जाकर वंदन करना पुण्य के लिए शुभ माना जाता है।


5. साधु-संतों के प्रवचन सुनें

महाकुंभ में कई साधु-संतों के प्रवचन होते हैं, जिन्हें सुनने का अवसर मिलना एक विशेष सौभाग्य की बात है। इन प्रवचनों से आप जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सीख सकते हैं और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, प्रवचन सुनने का अवसर छोड़ें नहीं और ज्ञान प्राप्त करें।


6. कल्पवास करें, भले ही एक दिन के लिए

कल्पवास का महत्व महाकुंभ के दौरान विशेष रूप से देखा जाता है। यदि संभव हो, तो एक दिन के लिए कल्पवास करें। यह एक प्रकार का तप होता है जिसमें आप अपनी दिनचर्या को सरल बनाकर ध्यान और साधना में लीन होते हैं। कल्पवास से शारीरिक और मानसिक शुद्धि होती है।


7. गंगा में 5 डुबकी लगाएं और गंगा मंत्र का जाप करें

हर दिन गंगा में पांच डुबकी लगाना और गंगा मंत्र का जाप करना बहुत फायदेमंद होता है। यह न केवल शरीर की सफाई करता है, बल्कि आत्मा को भी शुद्ध करता है। गंगा की पवित्र धारा में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।


निष्कर्ष

महाकुंभ के दौरान इन 7 कार्यों का पालन करने से आप न केवल पुण्य कमा सकते हैं, बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक शुद्धता भी पा सकते हैं। प्रयागराज का यह तीर्थ स्थल, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम होता है, आपको धार्मिक उन्नति के पथ पर मार्गदर्शन करेगा। इसलिए महाकुंभ में भाग लेने से पहले इन महत्वपूर्ण कार्यों को जानकर अपने धार्मिक अनुभव को और भी सार्थक बनाएं।

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