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एंटी चिट्टा अभियान के तहत एसपी सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों को किया जागरूक, नशामुक्त समाज के निर्माण का दिलाया संकल्प

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 35 Mins Ago • 1 Min Read

जिला पुलिस ऊना के “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत जीएसएसएस संतोषगढ़ में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, एनडीपीएस अधिनियम, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिक बनने के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों ने एंटी चिट्टा शपथ लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

ऊना/ /वीरेंद्र बन्याल

जिला पुलिस ऊना द्वारा चलाए जा रहे “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में 15 जुलाई को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) संतोषगढ़ में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ (भा.पु.से.) ने मुख्य रूप से विद्यार्थियों को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान एसपी सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित गणमान्य लोगों को चिट्टा (हेरोइन) सहित अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों और कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी, ताकि युवा कानून की गंभीरता को समझ सकें और किसी भी प्रकार के नशे से स्वयं को दूर रखें।इस अवसर पर विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन, साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। एसपी ने कहा कि जागरूक और अनुशासित युवा ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की नींव होते हैं।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अन्य प्रतिभागियों को “एंटी चिट्टा शपथ” दिलाई गई। सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का संकल्प लिया।

जिला पुलिस ऊना ने स्पष्ट किया कि “एंटी चिट्टा अभियान” भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि विशेष रूप से युवाओं और आमजन को जागरूक कर नशे के प्रति सामाजिक चेतना विकसित करना भी है। पुलिस का मानना है कि जन-जागरूकता, सामूहिक सहभागिता और समाज के प्रत्येक वर्ग के सहयोग से ही नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।